रासेश्वरी देवी जी स्पिरिचुअल कॉन्क्लेव में सेवा सम्मान पुरस्कार से सम्मानित

Edited By Updated: 27 Feb, 2026 11:42 PM

raseshwari devi ji honored with seva samman award at spiritual conclave

प्रख्यात आध्यात्मिक प्रवचनकर्ता और उपनिषद व्याख्याता रासेश्वरी देवी जी को हाल ही में स्पिरिचुअल कॉन्क्लेव, ओडिशा–2026 में प्रतिष्ठित सेवा सम्मान पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार सुरामा पाधि, माननीय अध्यक्ष, ओडिशा विधान सभा, द्वारा समाज में...

(वेब डेस्क): प्रख्यात आध्यात्मिक प्रवचनकर्ता और उपनिषद व्याख्याता रासेश्वरी देवी जी को हाल ही में स्पिरिचुअल कॉन्क्लेव, ओडिशा–2026 में प्रतिष्ठित सेवा सम्मान पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार सुरामा पाधि, माननीय अध्यक्ष, ओडिशा विधान सभा, द्वारा समाज में उपनिषदों की शिक्षाओं और आध्यात्मिक मूल्यों के प्रसार में उनके योगदान के लिए प्रदान किया गया।

सेवा सम्मान पुरस्कार रसेश्वरी देवी जी के उन निरंतर प्रयासों को मान्यता देता है, जिनके माध्यम से उन्होंने आध्यात्मिक प्रवचनों, ध्यान शिविरों और मूल्य-आधारित कार्यक्रमों के जरिए उपनिषदों के ज्ञान को समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुँचाया। इस अवसर पर कई आध्यात्मिक गुरु, जनप्रतिनिधि और सांस्कृतिक क्षेत्र से जुड़े गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे, जिससे समकालीन समाज में आध्यात्मिक शिक्षा की बढ़ती प्रासंगिकता उजागर हुई।

यह कॉन्क्लेव MBC TV और BS TV द्वारा आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में Pabitra Sounta, Mangu Khilla और Golaka Mohapatra सहित अनेक प्रमुख जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। इसके अलावा Arabinda Dhali और Priyadarshi Mishra ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। वरिष्ठ भाजपा नेता Sajjan Sharma तथा पूर्व मंत्री Suresh Kumar Routray की भागीदारी ने आयोजन की गरिमा को और बढ़ाया। सांस्कृतिक क्षेत्र से Sudarshan Sahoo और Adwaita Gadanayak की उपस्थिति ने आध्यात्मिक और सांस्कृतिक समन्वय के संदेश को सशक्त किया।

Jagadguru Kripalu Maharaj की शिष्या रसेश्वरी देवी जी ने गणित में स्नातक और अंग्रेज़ी में स्नातकोत्तर की शिक्षा पूरी करने के बाद आध्यात्मिक मार्ग अपनाया। 15 अक्टूबर 1988 को उन्होंने संन्यास ग्रहण कर श्रीकृष्ण भक्ति और उपनिषद दर्शन के प्रचार-प्रसार को अपना जीवन लक्ष्य बनाया। बीते वर्षों में उन्होंने 11 राज्यों के 140 शहरों में 300 से अधिक आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किए हैं। ओडिशा में उनके मार्गदर्शन में 21 ध्यान और साधना केंद्र स्थापित किए गए हैं।

वर्ष 2023 में उन्होंने डिजिटल माध्यमों के जरिए अपने मिशन का विस्तार किया, जिससे तटीय, ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों तक उपनिषदों की शिक्षाएँ पहुँचीं। बाल संस्कार शिविर (2007) और युवा उत्थान शिविर (2014) जैसे उनके कार्यक्रम बच्चों और युवाओं में नैतिक मूल्यों, सांस्कृतिक चेतना और व्यक्तिगत विकास को प्रोत्साहित कर रहे हैं। दिसंबर माह में उन्होंने अपने संन्यास दिवस के अवसर पर Droupadi Murmu, माननीय राष्ट्रपति से भी भेंट की थी।

स्पिरिचुअल कॉन्क्लेव ओडिशा–2026 में सेवा सम्मान पुरस्कार का यह सम्मान रसेश्वरी देवी जी की आध्यात्मिक यात्रा का एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है। यह सम्मान आध्यात्मिक शिक्षा, सामाजिक उत्थान और मूल्य-आधारित जीवनशैली को बढ़ावा देने में उनके योगदान की औपचारिक मान्यता के रूप में देखा जा रहा है।

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