Edited By Vatika,Updated: 10 Feb, 2026 11:40 AM

सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर कंचन कुमारी की निर्मम हत्या के मामले में बठिंडा की एक स्थानीय अदालत
बठिंडा (विजय वर्मा): सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर कंचन कुमारी की निर्मम हत्या के मामले में बठिंडा की एक स्थानीय अदालत ने मुख्य आरोपी सिख कट्टरपंथी नेता अमृतपाल सिंह मेहरों को भगोड़ा अपराधी (प्रोक्लेम्ड ऑफेंडर—पीओ) घोषित कर दिया है। बार-बार समन जारी होने के बावजूद अदालत में पेश न होने और लगातार फरारी के चलते यह सख्त कार्रवाई की गई है। अदालत ने 7 फरवरी को हुई सुनवाई में फरार निहंग अमृतपाल सिंह मेहरों को औपचारिक रूप से भगोड़ा घोषित किया। पुलिस के मुताबिक, मेहरों वारदात के बाद जून 2025 में देश छोड़कर फरार हो गया था और वर्तमान में उसके संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में छिपे होने की आशंका है।
इंटरपोल रेड कॉर्नर नोटिस की प्रक्रिया तेज
बठिंडा कैंट थाना प्रभारी दलजीत ढिल्लों ने पुष्टि करते हुए बताया कि अदालत का आदेश प्राप्त हो चुका है और राज्य सरकार केंद्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय कर रही है। उन्होंने कहा, “अमृतपाल सिंह मेहरों के यूएई में छिपे होने की जानकारी है। इंटरपोल को आवश्यक विवरण भेजे जा चुके हैं और रेड कॉर्नर नोटिस जारी कराने की प्रक्रिया चल रही है।” अधिकारिक सूत्रों के अनुसार, भगोड़ा घोषित किए जाने से इंटरपोल के माध्यम से प्रत्यर्पण प्रक्रिया में पुलिस को बड़ी कानूनी मजबूती मिलेगी। फिलहाल अदालत ने आरोपी की चल-अचल संपत्ति कुर्क करने का कोई आदेश जारी नहीं किया है, लेकिन आने वाले दिनों में यह कदम भी उठाया जा सकता है। मेहरों मोगा जिले के मेहरों गांव का रहने वाला है और सिख कट्टरपंथी गतिविधियों से जुड़ा रहा है।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि 9-10 जून की रात अमृतपाल सिंह मेहरों, जसप्रीत सिंह और निम्रतजीत सिंह ने कंचन कुमारी की गला घोंटकर हत्या कर दी थी। आरोपियों ने सोशल मीडिया पर कंचन द्वारा डाली गई कथित आपत्तिजनक सामग्री को सिख समुदाय की भावनाओं के खिलाफ बताकर इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया। हत्या के बाद शव को बठिंडा के भुच्चो स्थित आदेश मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की पार्किंग में फेंक दिया गया था। 11 जून की शाम शव बरामद हुआ, जिसके बाद पुलिस ने इस वारदात को “अनधिकृत नैतिक पुलिसिंग” करार देते हुए इसे कानून व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा बताया था। मामले में तीन अन्य आरोपी पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं। जसप्रीत सिंह और निम्रतजीत सिंह न्यायिक हिरासत में हैं। रणजीत सिंह को 6 फरवरी 2026 को गिरफ्तार किया गया, जो फिलहाल तीन दिन के पुलिस रिमांड पर है। पुलिस के अनुसार, रणजीत सिंह ने मुख्य आरोपी अमृतपाल सिंह मेहरों को अमृतसर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक पहुंचाने में मदद की थी, जहां से वह यूएई फरार हो गया। पुलिस अब उसके अंतरराष्ट्रीय संपर्कों और फंडिंग नेटवर्क की भी जांच कर रही है। इस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड ने समाज में “नैतिक पुलिसिंग” के नाम पर बढ़ती हिंसा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि सोशल मीडिया कंटेंट के नाम पर किसी की हत्या लोकतंत्र और कानून के राज के लिए बेहद खतरनाक संकेत है।