Edited By Urmila,Updated: 10 Feb, 2026 02:18 PM

पूर्व कैबिनेट मंत्री और विधायक राणा गुरजीत सिंह ने पंजाब में नशे के इस्तेमाल और नशा तस्करी के मुद्दे पर गंभीर चिंता जाहिर की।
जालंधर : पूर्व कैबिनेट मंत्री और विधायक राणा गुरजीत सिंह ने पंजाब में नशे के इस्तेमाल और नशा तस्करी के बढ़ते मामले को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने राज्यपाल द्वारा नशे के मुद्दे पर उन्हें आमंत्रित किए जाने का स्वागत किया और कहा कि केवल जागरूकता अभियान चलाकर समस्या का समाधान नहीं हो सकता। उनका कहना है कि अब ठोस और जमीन स्तर पर कार्रवाई की जरूरत है।
राणा गुरजीत सिंह ने पंजाब सरकार और राज्यपाल से तुरंत कदम उठाने की मांग की। उन्होंने कहा कि पंजाब एक सीमावर्ती राज्य है और यहां बार्डर पार से नशा लगातार तस्करी के जरिए आ रहा है। 50 किलोमीटर के बार्डर क्षेत्र पर केंद्र सरकार का नियंत्रण है, इसलिए इसके लिए केंद्र सरकार भी जिम्मेदार है।
उन्होंने बताया कि 2014 से पाकिस्तान की ओर से ड्रोन के जरिए नशे की सप्लाई आम हो गई है। सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि अगर ड्रोन लगातार तस्करी कर रहे हैं तो क्या BSF अपनी जिम्मेदारी ठीक से निभा रही है। राणा गुरजीत सिंह ने आम आदमी पार्टी और केंद्र सरकार की नाकामी पर भी सवाल उठाए।
राणा गुरजीत सिंह ने नशे के बढ़ने के पीछे बेरोजगारी और किसानी की समस्या को मुख्य कारण बताया। उन्होंने कहा कि पंजाब में इंडस्ट्री की कमी है और केंद्र सरकार को बड़े पैकेज के जरिए निवेश बढ़ाना चाहिए ताकि युवाओं को रोजगार मिले और वे नशे की दलदल में फंसने से बच सकें।
उन्होंने पंजाब सरकार के “युद्ध नशे विरुद्ध” अभियान पर भी सवाल उठाए और इसे सिर्फ दिखावा करार दिया। पंजाब सरकार का 'युद्ध नशे विरुद्ध 'फ्लॉप शो' बनकर रह गया है। उनका कहना है कि घरों में नशे की सप्लाई बिना रोकटोक जारी है और केवल फर्जी आंकड़े और छोटे तस्करों के घर तोड़ने से समस्या हल नहीं होगी। राणा गुरजीत सिंह ने राज्यपाल और पंजाब सरकार से ठोस और प्रभावी कदम उठाने की जोरदार मांग की।
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