Epstein files बनीं ब्रिटेन के लिए अग्निपरीक्षाः PM स्टार्मर के खिलाफ बगावत बढ़ी, UK की कमान संभाल सकती पहली PAK मुस्लिम महिला प्रधानमंत्री !

Edited By Updated: 10 Feb, 2026 11:05 AM

uk may get first muslim pm shabana mahmood of kashmiri origin

एपस्टीन फाइल्स विवाद ने ब्रिटेन की राजनीति में भूचाल ला दिया है। प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर पर इस्तीफे का दबाव बढ़ा है। इस बीच गृह मंत्री शबाना महमूद, वेस स्ट्रीटिंग और एंजेला रेनर संभावित उत्तराधिकारियों के रूप में उभरे हैं। शबाना महमूद ब्रिटेन की...

London: यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन से जुड़े दस्तावेज़ों के सामने आने के बाद ब्रिटेन की राजनीति गंभीर संकट में फंस गई है। एपस्टीन फाइल्स विवाद के चलते प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर पर इस्तीफे का दबाव लगातार बढ़ रहा है।इस राजनीतिक उथल-पुथल के बीच नए प्रधानमंत्री पद की संभावित दौड़ भी शुरू हो गई है। चर्चा में जिन नामों को सबसे आगे माना जा रहा है, उनमें गृह मंत्री शबाना महमूद, स्वास्थ्य मंत्री वेस स्ट्रीटिंग और पूर्व उपप्रधानमंत्री एंजेला रेनर शामिल हैं। गृह मंत्री शबाना महमूद इस दौड़ में एक ऐतिहासिक चेहरा बनकर उभरी हैं।

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वह पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के मीरपुर मूल की हैं और वर्ष 2025 में गृह मंत्री बनने वाली पहली मुस्लिम महिला बनीं। यदि वह प्रधानमंत्री पद तक पहुंचती हैं, तो वह ब्रिटेन की पहली मुस्लिम प्रधानमंत्री होंगी। विवाद ने उस समय और तूल पकड़ लिया जब प्रधानमंत्री स्टार्मर के सबसे करीबी सहयोगी और डाउनिंग स्ट्रीट के चीफ ऑफ स्टाफ मॉर्गन मैकस्वीनी को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा। मैकस्वीनी पर आरोप है कि उन्होंने पीटर मंडेलसन को अमेरिका में ब्रिटेन का राजदूत नियुक्त करने के फैसले का समर्थन किया था।  हालांकि स्टार्मर ने स्पष्ट कर दिया है कि वह अपने पद से इस्तीफा नहीं देंगे। लेबर पार्टी के भीतर इस मुद्दे को लेकर गहरी बेचैनी देखी जा रही है। पार्टी के कई नेता और सांसद मानते हैं कि पीटर मंडेलसन की अमेरिका में ब्रिटेन के राजदूत के रूप में नियुक्ति ने सरकार की साख को नुकसान पहुंचाया है। इसी नियुक्ति को लेकर स्टार्मर की नेतृत्व क्षमता पर सवाल उठ रहे हैं।

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मैकस्वीनी ने अपने बयान में स्वीकार किया कि उन्हें जानकारी थी कि मंडेलसन ने जेफ्री एपस्टीन के जेल जाने के बाद भी उसका समर्थन किया था। मंडेलसन पर यह आरोप भी लगाए गए हैं कि उन्होंने ब्रिटेन के बिजनेस सेक्रेटरी रहते हुए एपस्टीन के साथ बाजार से जुड़ी संवेदनशील जानकारियां साझा की थीं। मैकस्वीनी ने माना कि इस फैसले से पार्टी, सरकार और राजनीति पर जनता का भरोसा कमजोर हुआ है। वहीं विपक्ष का कहना है कि इस पूरे मामले की नैतिक जिम्मेदारी प्रधानमंत्री स्टार्मर को लेनी चाहिए और उन्हें पद छोड़ देना चाहिए। राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, एपस्टीन फाइल्स विवाद अब केवल एक कूटनीतिक चूक नहीं, बल्कि ब्रिटेन में नेतृत्व और नैतिक जवाबदेही की परीक्षा बन चुका है। आने वाले दिनों में यह साफ होगा कि स्टार्मर इस संकट से उबर पाते हैं या लेबर पार्टी किसी नए चेहरे पर दांव लगाती है।

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