बठिंडा में किसानों का जबरदस्त Protest, चंडीगढ़ हाईवे जाम, पुलिस ने बरसाई लाठियां

Edited By Updated: 06 Feb, 2026 06:43 PM

farmers stage massive protest in bathinda

बठिंडा में किसानों के जबरदस्त प्रदर्शन के चलते बठिंडा–चंडीगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर भारी ट्रैफिक जाम लग गया है। हाईवे पर कई किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतारें लगी हुई हैं। मिली जानकारी के अनुसार पिछले करीब 4 घंटे से सैकड़ों वाहन जाम में फंसे हुए हैं।...

बठिंडा (वर्मा) : बठिंडा में किसानों के जबरदस्त प्रदर्शन के चलते बठिंडा–चंडीगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर भारी ट्रैफिक जाम लग गया है। हाईवे पर कई किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतारें लगी हुई हैं। मिली जानकारी के अनुसार पिछले करीब 4 घंटे से सैकड़ों वाहन जाम में फंसे हुए हैं। जाम के कारण आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हालात इतने खराब हैं कि एम्बुलेंस तक जाम में फंसी हुई हैं, जिससे आपात सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं। जाम में स्कूली बच्चों की बसें, नौकरीपेशा लोग और यात्री फंसे हुए हैं। किसानों के इस प्रदर्शन की वजह से पूरे इलाके में महाजाम की स्थिति बनी हुई है। वहीं, मौके पर पहुंची पुलिस प्रदर्शनकारियों को समझाने और रास्ता खुलवाने के प्रयास में जुटी हुई है, लेकिन अभी तक ट्रैफिक सामान्य नहीं हो पाया है। लोगों से अपील की गई है कि जब तक हालात सामान्य नहीं होते, वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करें।

किसानों को रोकने के लिए बरनाला–बठिंडा मार्ग पर गांव जेठूके के पास बने हाईटेक नाके को पूरी तरह पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया। जब किसानों के काफिले को आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी गई तो माहौल तनावपूर्ण हो गया। पुलिस और किसान नेताओं के बीच तीखी बहस के बाद हालात बिगड़ गए और बात झड़प तक पहुंच गई। कुछ किसान नेताओं ने पुलिस नाका तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश की, जिसके दौरान दोनों पक्षों में धक्का-मुक्की हुई।

स्थिति बिगड़ते देख पुलिस ने हल्का लाठीचार्ज किया, वहीं किसानों ने भी डटकर विरोध किया, जिससे तनाव और बढ़ गया। बाद में पुलिस ने स्थिति पर नियंत्रण पाया, हालांकि कई किसान नेता नाकेबंदी पार करने में सफल भी रहे।
 
प्राप्त जानकारी के अनुसार इस दौरान 100 से अधिक किसानों को गिरफ्तार किए जाने का अनुमान है, हालांकि प्रशासन की ओर से इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई। मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल और वरिष्ठ अधिकारी तैनात रहे।
 
किसान नेताओं का कहना है कि उनकी मांग केवल बंद नेताओं की रिहाई और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा से जुड़ी है तथा वे शांतिपूर्ण ढंग से धरना देना चाहते थे, लेकिन सरकार और प्रशासन ने बेवजह दबाव बनाया। वहीं पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय घटना से बचाव के लिए यह कदम उठाए गए।
 
खबर लिखे जाने तक जानकारी मिली है कि किसानों ने दोबारा हाईवे पर पक्का धरना लगाकर गिरफ्तार किसानों की रिहाई की मांग की है। किसानों ने चेतावनी दी है कि जब तक सभी गिरफ्तार किसानों को रिहा नहीं किया जाता, तब तक धरना जारी रहेगा। पुलिस का दावा है कि किसानों के साथ किसी प्रकार की झड़प नहीं हुई और स्थिति नियंत्रण में है, जबकि इलाके में तनाव बना हुआ है और यातायात कुछ समय तक प्रभावित रहा।

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!