पंजाब की राजनीति में उलटफेर! अकाली दल के वरिष्ठ नेता BJP में शामिल

Edited By Updated: 30 Mar, 2026 05:28 PM

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वरिष्ठ पंथिक नेताओं ने आज भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होकर पार्टी को मजबूती प्रदान की। भाजपा पंजाब के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष अश्विनी शर्मा की उपस्थिति में पार्टी के प्रदेश मुख्यालय, चंडीगढ़ में शामिल हुए ।

चंडीगढ़ : वरिष्ठ पंथिक नेताओं ने आज भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होकर पार्टी को मजबूती प्रदान की। भाजपा पंजाब के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष अश्विनी शर्मा की उपस्थिति में पार्टी के प्रदेश मुख्यालय, चंडीगढ़ में शामिल हुए।

भाजपा में शामिल होने वालों में प्रमुख रूप से शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के सदस्य और शिरोमणि अकाली दल (बादल) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष चरणजीत सिंह कालेवाल, शिरोमणि अकाली दल (ब) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रमनदीप सिंह भरौवाल तथा नकोदर से दूसरी पीढ़ी के अकाली नेता अवतार सिंह रामेवाल शामिल हैं।

चरणजीत सिंह कालेवाल ने अपना राजनीतिक सफर 1998 में गांव कालेवाल के सरपंच के रूप में शुरू किया। इसके बाद उन्होंने 2008 में जिला परिषद सदस्य, 2009 में जिला योजना बोर्ड सदस्य, 2021 में शिरोमणि अकाली दल (ब) के जिला अध्यक्ष के रूप में कार्य किया और 2011 से SGPC सदस्य हैं। वर्ष 2025 में उन्हें शिरोमणि अकाली दल (ब) का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया।

रमनदीप सिंह भरौवाल ने 1995 में यूथ अकाली दल से राजनीति की शुरुआत की और बाद में जालंधर में शिरोमणि अकाली दल (ब) के जिला उपाध्यक्ष बने। 2001 में उन्होंने लोक भलाई पार्टी जॉइन की और 2005 में उसके राष्ट्रीय महासचिव बने। पार्टी के शिरोमणि अकाली दल (ब) में विलय के बाद वे उपाध्यक्ष बने और 2026 में कपूरथला जिले की तीन विधानसभा क्षेत्रों के समन्वयक नियुक्त किए गए। 2022 से वे शिरोमणि अकाली दल (ब) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं। उनके साथ तरनतारन शिरोमणि अकाली दल (ब) के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सरदार भूपिंदर सिंह (टिट्टू) और बी.सी. विंग शिरोमणि अकाली दल (ब) के उपाध्यक्ष सरदार तरसेम सिंह छापड़ी भी भाजपा में शामिल हुए।

अवतार सिंह रामेवाल, जिनके पिता ने लगभग पचास वर्षों तक शिरोमणि अकाली दल (ब) की सेवा की, ब्लॉक समिति के पूर्व सदस्य और जिला जालंधर शिकायत निवारण समिति के पूर्व सदस्य रह चुके हैं। उन्होंने 2011 में शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी चुनाव में जत्थेदार कुलदीप सिंह वडाला के खिलाफ चुनाव लड़ा, जिसमें उन्हें लगभग 7,000 वोट मिले और वे बेहद कम अंतर से हार गए। वे आर्य एजुकेशन ट्रस्ट के अध्यक्ष भी रह चुके हैं, जो कई स्कूल और कॉलेज संचालित करता है।

नेताओं का स्वागत करते हुए अश्विनी शर्मा ने कहा कि उनका अनुभव, जमीनी पकड़ और पंथिक मूल्यों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता भाजपा को पंजाब में और मजबूत करेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि उनके शामिल होने से पार्टी का जनाधार बढ़ेगा और विकास, सुशासन तथा जनसेवा के उद्देश्य को और गति मिलेगी।

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