Edited By Kamini,Updated: 17 Jan, 2026 06:00 PM

राज्यसभा सांसद और सामाजिक कार्यकर्ता स्वाति मालीवाल ने पंजाब सरकार पर मीडिया को दबाने और सरकारी विज्ञापनों के जरिए नियंत्रण करने के गंभीर आरोप लगाए हैं।
पंजाब डेस्क: राज्यसभा सांसद और सामाजिक कार्यकर्ता स्वाति मालीवाल ने पंजाब सरकार पर मीडिया को दबाने और सरकारी विज्ञापनों के जरिए नियंत्रण करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर किए गए एक पोस्ट में उन्होंने कहा कि एक प्रतिष्ठित अखबार 'पंजाब केसरी' में पंजाब के मुख्यमंत्री से जुड़ी खबर प्रकाशित होते ही पूरे सरकारी तंत्र को उस अखबार के खिलाफ खड़ा कर दिया गया। पंजाब के सीएम के शीश महर 2 की खबर क्या छापी, हिटलर ने पूरा सरकारी तंत्र उनके पीछे लगा दिया।
स्वाति मालीवाल ने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार मीडिया को करोड़ों रुपये के विज्ञापन देकर यह मानकर चलती है कि इससे सभी मीडिया संस्थानों को अपने पक्ष में किया जा सकता है। उन्होंने दावा किया कि पंजाब में दिल्ली के लोगर तय करते हैं कि, किसे सरकारी विज्ञापन मिलेगा और किसे नहीं। जो मीडिया संस्थान सरकार की ज्यादा प्रशंसा करते हैं, उन्हें अधिक विज्ञापन दिए जाते हैं, जबकि 1% आलोचनात्मक खबर छापने वालों के विज्ञापन बंद कर दिए जाते हैं। यही नहीं इसके अलावा पुलिस कार्रवाई की जाती है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि नकारात्मक रिपोर्टिंग करने वाले पत्रकारों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई का डर दिखाया जाता है और कई पत्रकारों की मान्यता (एक्रेडिटेशन) तक रद्द कर दी जाती है। स्वाति मालीवाल ने दावा किया कि दिल्ली के कुछ पत्रकारों को पैसे देकर पंजाब में नौकरियां दिलवाई गईं और विभिन्न सरकारी विभागों में विज्ञापन खर्च को छिपाया जा रहा है। अपने पोस्ट के अंत में उन्होंने कहा कि जिस दिन सरकार के प्रचार और विज्ञापन पर होने वाले खर्च का पूरा सच सामने आएगा, उस दिन सबके होश उड़ जाएंगे। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक और मीडिया हलकों में नई बहस छिड़ गई है, हालांकि अभी तक पंजाब सरकार की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

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