खेती के दौरान ये गलती पड़ रही भारी, राजस्थान में बीते दो साल में 535 किसानों की मौत

Edited By Updated: 07 Jun, 2026 10:07 PM

535 farmers died in rajasthan in the last two years

राजस्थान में जनवरी 2024 से जनवरी 2026 के बीच कीटनाशकों के उपयोग के दौरान 535 किसानों की मौत हुई। कृषि विभाग ने कांग्रेस विधायक के एक सवाल में यह जानकारी मुहैया कराई। कांग्रेस विधायक अमीन कागजी द्वारा हाल ही में विधानसभा में पूछे गये एक अतारांकित...

नेशनल डेस्कः राजस्थान में जनवरी 2024 से जनवरी 2026 के बीच कीटनाशकों के उपयोग के दौरान 535 किसानों की मौत हुई। कृषि विभाग ने कांग्रेस विधायक के एक सवाल में यह जानकारी मुहैया कराई। कांग्रेस विधायक अमीन कागजी द्वारा हाल ही में विधानसभा में पूछे गये एक अतारांकित प्रश्न के जवाब में विभाग ने यह जानकारी मुहैया कराई। 

विभाग ने बताया कि मृत किसानों के परिजनों को मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के तहत 5.10 करोड़ रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई। विभाग के मुताबिक, कीटनाशक छिड़काव के दौरान आवश्यक सुरक्षा उपायों को अपनाने में विफल रहने और कीटनाशकों के अंधाधुंध व असुरक्षित उपयोग के कारण किसान, कृषि मजदूर और अन्य लोग बीमार पड़ सकते हैं और कुछ मामलों में उनकी मौत भी हो सकती है। 

जिला-वार आंकड़ों में बीकानेर में सबसे अधिक 57 मौतें दर्ज की गईं, इसके बाद चूरू (56), हनुमानगढ़ (42), झालावाड़ (42), जोधपुर (38), श्रीगंगानगर और ब्यावर में 31-31 मौतें हुईं। विभाग ने बताया कि धौलपुर, जैसलमेर, बाड़मेर, सिरोही, बांसवाड़ा, डूंगरपुर और सालूमर में कीटनाशकों के उपयोग से किसी की मौत नहीं हुई। वहीं कोटपूतली-बहरोड़, बालोतरा, जालोर और उदयपुर में एक-एक किसान की मौत हुई। 

विभाग के मुताबिक, करौली में दो, खैरथल-तिजारा, दौसा और जयपुर में तीन-तीन, भरतपुर में चार और राजसमंद में पांच लोगों की मौत हुईं। विभाग ने बताया कि कीटनाशक अधिनियम, 1968 और कीटनाशक नियम, 1971 के तहत मुआवजे का कोई प्रावधान नहीं है हालांकि, राज्य सरकार की कल्याणकारी योजना के तहत आर्थिक सहायता दी गई। विभाग के मुताबिक, राज्य में प्रतिबंधित, घटिया या नकली कीटनाशकों की खुली बिक्री का कोई मामला दर्ज नहीं हुआ। 

कागजी ने आंकड़ों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह स्थिति अधिक जागरूकता और कीटनाशक उपयोग की सख्त निगरानी की मांग करती है। उन्होंने कहा, "मौतों और घटिया नमूनों की संख्या यह दर्शाती है कि फील्ड स्तर पर निगरानी, किसानों का प्रशिक्षण और सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करना प्राथमिकता होनी चाहिए।" विभाग ने यह भी बताया कि सरकार विभिन्न योजनाओं के माध्यम से जैविक खेती को बढ़ावा दे रही है और किसानों को जैविक खेती अपनाने के लिए सहायता प्रदान कर रही है। 
 

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