शॉपमैन के व्यावहारिक दृष्टिकोण ने मेरा सर्वश्रेष्ठ लाने में मदद की : ज्योति

Edited By Updated: 13 Aug, 2022 08:21 PM

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भारतीय महिला हॉकी टीम की फॉरवर्ड ज्योति ने कहा कि मुख्य कोच यानेके शॉपमैन के व्यावहारिक दृष्टिकोण ने उन्हें अपने खेल में काफी सुधार करने में मदद की जिससे वह राष्ट्रमंडल खेलों में पदार्पण में अच्छा प्रदर्शन करने में सफल रहीं। ज्योति उस भारतीय महिला...

नई दिल्ली : भारतीय महिला हॉकी टीम की फॉरवर्ड ज्योति ने कहा कि मुख्य कोच यानेके शॉपमैन के व्यावहारिक दृष्टिकोण ने उन्हें अपने खेल में काफी सुधार करने में मदद की जिससे वह राष्ट्रमंडल खेलों में पदार्पण में अच्छा प्रदर्शन करने में सफल रहीं। ज्योति उस भारतीय महिला हॉकी टीम का हिस्सा थीं जिसने बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों में 16 साल का पदक सूखा खत्म कर यादगार कांस्य पदक जीता। उन्होंने हॉकी इंडिया की विज्ञप्ति में कहा- खिलाडिय़ों और कोचिंग स्टाफ ने मुझे मेरे खेल में सुधार करने में सचमुच काफी मदद की। अब मैं काफी आत्मविश्वास से खेलती हूं और मेरे प्रदर्शन में काफी सुधार हुआ है। 

ज्योति ने कहा- कोचिंग स्टाफ ने मैदान में कुछ अलग करने के लिए मेरा काफी आत्मविश्वास बढ़ाया है। शॉपमैन के प्रभाव पर उन्होंने कहा, ‘‘यानेके ने मुझे मेरे खेल में सुधार करने में मदद की है। उन्होंने मुझे सिखाया कि खेल को खुद के लिये आसान किस तरह बनाया जाये। अब मैं गेंद के बारे में ज्यादा विचार नहीं करती। 

उन्होंने कहा- अभ्यास सत्र के दौरान उनके व्यावहारिक दृष्टिकोण से मेरे कौशल में निखार हुआ है। पहले राष्ट्रमंडल खेलों के बारे में उन्होंने कहा-राष्ट्रमंडल खेल मेरे लिए काफी महत्वपूर्ण थे क्योंकि टीम के लिए यह मेरा पहला बहु-स्पर्धा टूर्नामेंट था। उन्होंने कहा कि कांस्य पदक जीतने से हम सभी काफी खुश थे और गर्व महसूस कर रहे थे क्योंकि यह हर किसी के प्रयास का सही पुरस्कार था। कांस्य पदक ने इस पदार्पण को मेरे लिये दोगुना विशेष बना दिया।

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