सीडब्ल्यूसी ने सोनिया से पद पर बने रहने का आग्रह किया, जल्द अधिवेशन बुलाने का निर्णय

Edited By Updated: 24 Aug, 2020 07:07 PM

pti state story

नयी दिल्ली, 24 अगस्त (भाषा) कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) ने सोमवार को मैराथन बैठक के बाद सोनिया गांधी से आग्रह किया कि संगठन में बदलाव एवं मजबूती के लिए अंतरिम अध्यक्ष की भूमिका निभाती रहें।

नयी दिल्ली, 24 अगस्त (भाषा) कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) ने सोमवार को मैराथन बैठक के बाद सोनिया गांधी से आग्रह किया कि संगठन में बदलाव एवं मजबूती के लिए अंतरिम अध्यक्ष की भूमिका निभाती रहें।

सूत्रों के मुताबिक, सीडब्ल्यूसी ने यह निर्णय भी लिया कि नए अध्यक्ष के चयन की प्रक्रिया आरंभ करने के लिए जल्द ही अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी का अधिवेशन बुलाया जाएगा।

करीब सात घंटे तक चली बैठक के बाद सूत्रों ने यह भी कहा कि सीडब्ल्यूसी के सभी सदस्यों ने सोनिया के नेतृत्व में विश्वास जताया और कहा कि नया अध्यक्ष चुने जाने तक तक वह अंतरिम अध्यक्ष बनी रहें।

इससे पहले सीडब्ल्यूसी की बैठक आरंभ होने के साथ ही सोनिया ने पद छोड़ने की पेशकश की और कहा कि सीडब्ल्यूसी नया अध्यक्ष चुनने के लिए प्रक्रिया आरंभ करे। इसके बाद पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कुछ अन्य नेताओं ने उनसे आग्रह किया कि वह पद पर बनी रहें।

सूत्रों का कहना है कि सोनिया गांधी ने गुलाम नबी आजाद और पत्र लिखने वाले कुछ नेताओं एवं उनकी ओर से उठाए गए मुद्दों का हवाला दिया।

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी पार्टी में नेतृत्व के मुद्दे पर सोनिया गांधी को पत्र लिखने वाले नेताओं पर निशाना साधा और कहा कि जब पार्टी राजस्थान एवं मध्य प्रदेश में विरोधी ताकतों से लड़ रही थी और सोनिया गांधी अस्वस्थ थीं, तो उस समय ऐसा पत्र क्यों लिखा गया।

सोनिया को पत्र लिखने वाले नेताओं पर ‘भाजपा के साथ साठगांठ’ करने के आरोप से जुड़ी राहुल गांधी की एक कथित टिप्पणी की खबर आने और वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल के मोर्चा खोलने के बाद बड़ा विवाद खड़ा हो गया, हालांकि बाद में पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला की ओर से कहा गया कि राहुल गांधी ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया।

खबरों में कहा गया था कि राहुल गांधी की कथित टिप्पणी के बाद वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि यह आरोप साबित होने पर वह पार्टी से इस्तीफा दे देंगे। बाद में आजाद ने कहा कि राहुल गांधी ने सीडब्ल्यूसी की बैठक के भीतर या बाहर ऐसी कोई टिप्पणी नहीं की।

आजाद के मुताबिक, बैठक में मैंने सिर्फ यह कहा था कि कल कांग्रेस के कुछ लोगों ने कहा था कि हमने भाजपा की तरफ से ऐसा किया। इस संदर्भ में मैंने कहा, ‘‘यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि मेरे कुछ साथियों (सीडब्ल्यूसी के बाहर के) ने हम पर भाजपा के साथ साठगांठ का आरोप लगाया और अगर वो लोग यह साबित कर दें तो मैं इस्तीफा दे दूंगा।
सीडब्ल्यूसी की बैठक से एक दिन पहले रविवार को पार्टी में उस वक्त नया सियासी तूफान आ गया था जब पूर्णकालिक एवं जमीनी स्तर पर सक्रिय अध्यक्ष बनाने और संगठन में ऊपर से लेकर नीचे तक बदलाव की मांग को लेकर सोनिया गांधी को 23 वरिष्ठ नेताओं की ओर से पत्र लिखे जाने की जानकारी सामने आई।

हालांकि, इस पत्र की खबर सामने आने के साथ ही पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और पार्टी के कई अन्य वरिष्ठ एवं युवा नेताओं ने सोनिया और राहुल गांधी के नेतृत्व में भरोसा जताया और इस बात पर जोर दिया कि गांधी परिवार ही पार्टी को एकजुट रख सकता है।



यह आर्टिकल पंजाब केसरी टीम द्वारा संपादित नहीं है, इसे एजेंसी फीड से ऑटो-अपलोड किया गया है।

Trending Topics

IPL
Royal Challengers Bengaluru

190/9

20.0

Punjab Kings

184/7

20.0

Royal Challengers Bengaluru win by 6 runs

RR 9.50
img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!