Edited By PTI News Agency,Updated: 27 Jul, 2021 09:16 PM

नयी दिल्ली, 27 जुलाई (भाषा) केरल विधानसभा में 2015 में हुए हंगामे के सिलसिले में दर्ज एक आपराधिक मामला वापस लेने का अनुरोध करने वाली राज्य सरकार की याचिका उच्च न्यायालय द्वारा खारिज किये जाने के खिलाफ दायर उसकी याचिका सहित अन्य याचिकाओं पर...
नयी दिल्ली, 27 जुलाई (भाषा) केरल विधानसभा में 2015 में हुए हंगामे के सिलसिले में दर्ज एक आपराधिक मामला वापस लेने का अनुरोध करने वाली राज्य सरकार की याचिका उच्च न्यायालय द्वारा खारिज किये जाने के खिलाफ दायर उसकी याचिका सहित अन्य याचिकाओं पर बुधवार को उच्चतम न्यायालय का फैसला आने की संभावना है।
राज्य विधानसभा में 13 मार्च 2015 को अभूतपूर्व हंगामा देखने को मिला था, जब उस वक्त विपक्ष में मौजूद एलडीएफ सदस्यों ने तत्कालीन वित्त मंत्री के. एम. मणि को राज्य का बजट पेश करने से रोकने की कोशिश की थी। दरअसल, मणि बार रिश्वत कांड में आरोपों का सामना कर रहे थे।
सदन के पीठासीन अधिकारी की मेज पर कंप्यूटर, की-बोर्ड, माइक जैसे इलेक्ट्रानिक उपकरणों को एलडीएफ सदस्यों ने कथित तौर पर क्षतिग्रस्त कर दिया था।
न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायामूर्ति एम आर शाह की पीठ ने याचिकाओं पर 15 जुलाई को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।
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