Edited By PTI News Agency,Updated: 25 May, 2023 08:09 PM

नयी दिल्ली, 25 मई (भाषा) रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बृहस्पतिवार को उद्योग जगत से देश को भविष्य की प्रौद्योगिकियों के विकास में ‘अगुवा’ बनाने का आह्वान किया।
नयी दिल्ली, 25 मई (भाषा) रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बृहस्पतिवार को उद्योग जगत से देश को भविष्य की प्रौद्योगिकियों के विकास में ‘अगुवा’ बनाने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि ऐसा दृष्टिकोण इसे मौजूदा वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य से उत्पन्न होने वाली चुनौतियों से निपटने में मदद करेगा।
सिंह ने कहा कि सुरक्षा समीकरण तेजी से बदल रहे हैं और देश कृत्रिम मेधा (एआई), क्वांटम कंप्यूटिंग और आनुवंशिकी के क्षेत्र में तकनीकी प्रगति पर पहले से कहीं अधिक ध्यान केंद्रित कर रहा है।
उद्योग मंडल भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के सालाना कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा, “हमें लगातार विकसित होती वैश्विक स्थिति से उत्पन्न होने वाली किसी भी चुनौती से निपटने में खुद को तैयार रखने के लिए नए लक्ष्य तय करने और उन्हें नवाचार तरीकों से प्राप्त करने की आवश्यकता है ... प्रौद्योगिकी उपलब्ध संसाधनों के उपयोग में सुधार करती है। यह गुणक के रूप में कार्य करती है।”
उन्होंने उद्योगपतियों से आह्वान किया कि वे भारत को भविष्य की प्रौद्योगिकियों में ‘अनुकरण करने’ वाले के बजाए ‘अगुवा’ बनने में मदद करने के लिए अभिनव समाधानों के साथ आगे आएं।
देश की जनसंख्या को एक संपत्ति बताते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य इसे ‘राजस्व की खपत करने वाली इकाई’ से ‘राजस्व पैदा करने वाले स्रोत’ में बदलने का है।
सिंह ने अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी में अनुसंधान और विकास को इस लक्ष्य को प्राप्त करने का एकमात्र तरीका बताते हुए कहा कि यह आज के समय में किसी भी राष्ट्र के विकास और सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण नए आयाम खोलता है।
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