Edited By Anu Malhotra,Updated: 15 Apr, 2026 02:20 PM

अगर आप भी अपनी सेविंग से एक सुरक्षित फंड तैयार करना चाहते हैं, तो यह खबर आपके लिए है। हमेशा से फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) एक भरोसेमंद विकल्प माना जाता है। ऐसे में अगर आप SBI बैंक खाताधारक हैं, तो आपको यह जानकर हैरानी होगी कि बैंक आपको एक सुरक्षित और बेहतर...
नेशनल डेस्क: अगर आप भी अपनी सेविंग से एक सुरक्षित फंड तैयार करना चाहते हैं, तो यह खबर आपके लिए है। हमेशा से फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) एक भरोसेमंद विकल्प माना जाता है। ऐसे में अगर आप SBI बैंक खाताधारक हैं, तो आपको यह जानकर हैरानी होगी कि बैंक आपको एक सुरक्षित और बेहतर रिटर्न देने वाली स्कीम का फायदा दे रहा है। बता दें कि अगर आप आज ₹1,25,000 की रकम 5 साल की FD में जमा करते हैं, तो मैच्योरिटी पर आपको ब्याज दर, कंपाउंडिंग और अवधि जैसे फैक्टर्स के साथ बढ़िया रिटर्न मिल सकता है। आईए समझते है पूरी कैलकुलेशन...
5 साल की FD Scheme
SBI बैंक की ऑफिशियल वेबसाइट के अनुसार, 5 साल से अधिक और 10 साल तक की अवधि वाली FD Scheme पर 6.05 प्रतिशत ब्याज ऑफर है, जबकि सीनियर सिटीजन को 7.05 प्रतिशत ब्याज मिल रहा है। अगर एक सामान्य ग्राहक SBI में 5 साल की अवधि के लिए एफडी में 1,25,000 रुपये डिपोजिट करते हैं तो एफडी कैलकुलेटर के मुताबिक, मैच्योरिटी पर आपको ₹42,673 रिटर्न मिलेगा। यानी आपके पास तब कुल ₹1,67,673 होंगे।
इसी तरह, अगर कोई सीनियर सिटीजन (60 साल) हैं और 5 साल की अवधि वाली FD में 1,25,000 रुपये जमा करते हैं तो कैलकुलेशन के हिसाब से ₹50,729 आपको रिटर्न मिलेगा। यानी मैच्योरिटी पर ₹1,75,729 रुपये मिलेंगे।
Main Types of Fixed Deposits (FDs) in India
1. स्टैंडर्ड फिक्स्ड डिपॉजिट
-यह सबसे सामान्य FD, इसमें आप एक निश्चित समय (जैसे 1 साल, 3 साल, 5 साल) के लिए पैसा जमा करते हैं। ब्याज दर पहले से तय होती है और पूरे समय के लिए वही रहती है।
2. सीनियर सिटिजन फिक्स्ड डिपॉजिट
-यह 60 साल या उससे अधिक उम्र के लोगों के लिए होती है। इस FD में सामान्य FD से लगभग 0.25% से 0.75% तक ज्यादा ब्याज मिलता है।
3. TAX Saving फिक्स्ड डिपॉजिट
-इसमें निवेश करने पर आप इनकम टैक्स एक्ट की धारा 80C के तहत टैक्स छूट पा सकते हैं। इसकी लॉक-इन अवधि कम से कम 5 साल होती है।
4. कॉर्पोरेट फिक्स्ड डिपॉजिट
-ये बैंक नहीं बल्कि कंपनियां (NBFCs या कॉर्पोरेट) देती हैं। इनमें बैंक FD से ज्यादा ब्याज मिल सकता है। लेकिन जोखिमों के अधीन भी होती है इसलिए कंपनी की रेटिंग (CRISIL आदि) जरूर देखें।