CM योगी ने गोरखपुर पुस्तक महोत्सव का किया उद्घाटन, बोले – “स्मार्टफोन नहीं, किताबों को बनाएं दोस्त”

Edited By Updated: 02 Nov, 2025 03:23 AM

cm yogi inaugurated the gorakhpur book festival and said  make books your frien

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय (DDU) परिसर में आयोजित गोरखपुर पुस्तक महोत्सव 2025 का शुभारंभ किया। इस मौके पर उन्होंने बच्चों से आह्वान किया कि वे “स्मार्टफोन की जगह अच्छी किताबों में...

Gorakhpur News: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय (DDU) परिसर में आयोजित गोरखपुर पुस्तक महोत्सव 2025 का शुभारंभ किया। इस मौके पर उन्होंने बच्चों से आह्वान किया कि वे “स्मार्टफोन की जगह अच्छी किताबों में समय निवेश करें।” यह पुस्तक मेला 1 से 9 नवंबर तक चलेगा। इसका आयोजन नेशनल बुक ट्रस्ट (NBT) और डीडीयू विश्वविद्यालय ने संयुक्त रूप से किया है।

“अच्छी पुस्तकें ही जीवन की सच्ची मार्गदर्शक”
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को पुस्तकें वितरित कीं और कहा, “व्यक्ति की सबसे सच्ची साथी और सही मार्गदर्शक अच्छी पुस्तकें होती हैं। किताबें हमें वह दृष्टि देती हैं, जो स्मार्टफोन कभी नहीं दे सकता।” उन्होंने भारतीय श्रवण परंपरा और गुरु-शिष्य परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारे ऋषि-मुनियों ने ज्ञान को लिपिबद्ध कर आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने की अद्भुत परंपरा विकसित की थी।

“गांव-गांव तक पहुंच रही है ज्ञान की रोशनी”
सीएम योगी ने कहा कि डबल इंजन की सरकार प्रदेश में पुस्तकालयों का जाल बिछा रही है। “उत्तर प्रदेश की 57,600 ग्राम पंचायतों में ग्राम सचिवालयों के साथ पुस्तकालय स्थापित किए जा चुके हैं। 1.56 लाख से अधिक प्राथमिक विद्यालयों में से 1.36 लाख का कायाकल्प हुआ है, जिनमें डिजिटल लाइब्रेरी और पुस्तकालय की व्यवस्था की गई है।” उन्होंने कहा कि यह प्रयास बच्चों में पढ़ने की संस्कृति को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

“योगी आदित्यनाथ प्रदेश को दे रहे नई दिशा”
इस अवसर पर विशेष अतिथि आचार्य पवन त्रिपाठी (कोषाध्यक्ष, श्री सिद्धिविनायक मंदिर ट्रस्ट, मुंबई एवं एनबीटी सलाहकार समिति सदस्य) ने कहा कि गुरु गोरक्षनाथ की तपोभूमि में आयोजित यह महोत्सव ज्ञान और संस्कृति का संगम है। उन्होंने कहा, “जिस भूमि से एक योगी ने भारत की मौलिकता और ज्ञान परंपरा का संदेश दिया, आज वहीं से एक कर्मयोगी योगी आदित्यनाथ प्रदेश को नई दिशा और ऊंचाइयां दे रहे हैं।”

“शिक्षा और संस्कृति का महासंगम बनेगा यह महोत्सव”
आचार्य त्रिपाठी ने कहा कि यह आयोजन केवल पुस्तकों का उत्सव नहीं, बल्कि विचार, संस्कृति और शिक्षा का महाकुंभ है। यह न सिर्फ पूर्वांचल, बल्कि पूरे प्रदेश में ज्ञान और पुस्तक संस्कृति के प्रसार का माध्यम बनेगा।

कार्यक्रम में शामिल रहे अनेक गणमान्य
इस अवसर पर सांसद रविकिशन शुक्ला, विधायक विपिन सिंह, प्रदीप शुक्ला, श्रीराम चौहान, श्रवण निषाद, विमलेश पासवान, महिला आयोग उपाध्यक्ष चारू चौधरी, डीडीयू की कुलपति प्रो. पूनम टंडन, सीएम के सलाहकार अवनीश अवस्थी, एनबीटी अध्यक्ष मिलिंद मराठे, निदेशक युवराज मलिक सहित कई गणमान्य उपस्थित रहे।

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