कलकत्ता उच्च न्यायालय ने जीटीए चुनाव पर रोक के अनुरोध वाली याचिका खारिज की

Edited By Updated: 24 Jun, 2022 07:37 PM

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कोलकाता, 24 जून (भाषा) कलकत्ता उच्च न्यायालय ने दार्जिलिंग में गोरखालैंड क्षेत्रीय प्रशासन (जीटीए) के 26 जून को प्रस्तावित चुनाव और इसके परिणाम की घोषणा पर रोक लगाने के अनुरोध वाली याचिका शुक्रवार को खारिज कर दी।

कोलकाता, 24 जून (भाषा) कलकत्ता उच्च न्यायालय ने दार्जिलिंग में गोरखालैंड क्षेत्रीय प्रशासन (जीटीए) के 26 जून को प्रस्तावित चुनाव और इसके परिणाम की घोषणा पर रोक लगाने के अनुरोध वाली याचिका शुक्रवार को खारिज कर दी।

अदालत ने चुनाव प्रक्रिया से संबंधी अनुरोध में राहत देने से इंकार कर दिया। साथ ही कहा कि जीटीए अधिनियम की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने के संबंध में बाद की तारीखों पर सुनवाई की जाएगी।

न्यायमूर्ति मौसमी भट्टाचार्य ने अपने आदेश में कहा, ‘‘यह अदालत रिट याचिका पर सुनवाई होने तक 10 मई 2022 को शुरू की गई चुनाव प्रक्रिया के संबंधी में किए गए अनुरोध अथवा वादियों को चुनाव परिणामों पर कोई प्रभाव डालने से रोकने संबंधी राहत देने की इच्छुक नहीं है।’’
न्यायमूर्ति भट्टाचार्य ने कहा कि इस याचिका के संबंध में 27 जुलाई, 2012 को उच्च न्यायालय की एकल पीठ ने अपने अंतरिम आदेश में निर्देशित किया है कि जीटीए चुनाव और निर्वाचित पदाधिकारियों को याचिका पर होने वाले फैसले का पालन करना होगा।

न्यायमूर्ति भट्टाचार्य ने कहा, ‘‘ इस अदालत का मानना है कि यह अंतरिम आदेश रिट याचिकाकर्ताओं को पर्याप्त संरक्षण प्रदान करता है, ऐसे में मतदान से दो दिन पहले चुनाव प्रक्रिया पर रोक लगाने की आवश्यकता नहीं है।’’
याचिकाकर्ता गोरखा नेशनल लिब्रेशन फ्रंट (जीएनएलएफ) ने जीटीए चुनाव प्रक्रिया से जुड़ी 10 मई 2022 की अधिसूचना को रद्द करने का अनुरोध किया था। जीएनएलएफ ने 2012 में याचिका दायर कर जीटीए अधिनियम की संवैधानिक वैधता को चुनौती दी थी।


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