Edited By Niyati Bhandari,Updated: 27 Mar, 2026 02:48 PM

Crows Over Tel Aviv: इजराइल के प्रमुख शहर तेल अवीव के आसमान में हजारों कौवों के झुंड के मंडराने का एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो ने लोगों के बीच चिंता और जिज्ञासा दोनों बढ़ा दी है। वीडियो सामने आने के बाद एक...
Crows Over Tel Aviv: इजराइल के प्रमुख शहर तेल अवीव के आसमान में हजारों कौवों के झुंड के मंडराने का एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो ने लोगों के बीच चिंता और जिज्ञासा दोनों बढ़ा दी है। वीडियो सामने आने के बाद एक बड़ा सवाल उठ रहा है—क्या किसी शहर या घर के ऊपर कौवों का इस तरह झुंड में उड़ना किसी आने वाली आपदा या संकट का संकेत है, या यह केवल एक प्राकृतिक घटना है? आइए जानते हैं शकुन शास्त्र और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसका क्या अर्थ है।

क्या है पूरा मामला?
हाल ही में वायरल हुए वीडियो में तेल अवीव शहर के ऊपर हजारों कौवे एक साथ उड़ते नजर आ रहे हैं। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब दुनिया में ईरान-इजराइल-अमेरिका के बीच तनाव की चर्चा जोरों पर है।
इसी कारण कई लोग इसे किसी बड़े संकट या अनहोनी से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि कुछ लोग इसे सामान्य प्राकृतिक व्यवहार मान रहे हैं।
कौवों के अशुभ संकेत (Shakun Apshakun)
शास्त्रों में वर्णित शकुन शास्त्र के अनुसार:
बड़ी संख्या में कौवों का किसी घर या शहर के ऊपर मंडराना अशुभ संकेत माना जाता है।
यह आने वाले संकट, आर्थिक हानि या अनहोनी का संकेत हो सकता है।
कई मान्यताओं में इसे मृत्यु या बड़े बदलाव का संकेत भी माना गया है।
यदि कौवे दक्षिण दिशा में बैठकर कांव-कांव करें, तो इसे चेतावनी का संकेत माना जाता है
पश्चिम दिशा से आने वाली आवाज भी सावधानी बरतने का संकेत देती है

कौवों के शुभ संकेत
हालांकि, हर स्थिति में कौवों का दिखना अशुभ नहीं होता। हिंदू धर्मग्रंथों में कौवों को पितृलोक से जुड़ा माना गया है।
सुबह घर की छत या खिड़की पर कौवा बैठना अतिथि आगमन का संकेत है।
पूर्व दिशा से कौवे की आवाज नए अवसर और शुभ समाचार का संकेत देती है।
रसोई के पास कौवे का बार-बार आना अन्न और धन वृद्धि का संकेत माना जाता है।
उत्तर दिशा में कौवे का बैठना शुभ माना जाता है।
वैज्ञानिक नजरिया क्या कहता है?
विशेषज्ञों के अनुसार, कौवों का इस तरह बड़े झुंड में उड़ना कई बार पूरी तरह प्राकृतिक व्यवहार होता है। यह मौसम में बदलाव, भोजन की तलाश या प्रवास (migration) का हिस्सा हो सकता है। शहरी क्षेत्रों में भोजन की उपलब्धता के कारण भी कौवे एकत्रित हो जाते हैं। इसलिए हर घटना को अंधविश्वास से जोड़ना जरूरी नहीं है। तेल अवीव के ऊपर कौवों का झुंड देखना जहां कुछ लोगों के लिए चिंता का विषय बन गया है, वहीं शास्त्र और विज्ञान दोनों इसे अलग-अलग नजरिए से देखते हैं।
धार्मिक दृष्टिकोण: इसे संभावित संकेत या चेतावनी माना जा सकता है।
वैज्ञानिक दृष्टिकोण: यह एक सामान्य प्राकृतिक घटना भी हो सकती है।
