Edited By jyoti choudhary,Updated: 27 Mar, 2026 03:33 PM

मिडिल ईस्ट में तनाव कम होने के संकेतों और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बावजूद भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को लाल निशान पर बंद हुआ। डोनाल्ड ट्रंप के हालिया बयान के बाद जहां होर्मुज स्ट्रेट को लेकर कुछ राहत की उम्मीद जगी, वहीं क्रूड ऑयल करीब...
बिजनेस डेस्कः मिडिल ईस्ट में तनाव कम होने के संकेतों और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बावजूद भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को लाल निशान पर बंद हुआ। डोनाल्ड ट्रंप के हालिया बयान के बाद जहां होर्मुज स्ट्रेट को लेकर कुछ राहत की उम्मीद जगी, वहीं क्रूड ऑयल करीब 1% गिरा लेकिन इसका असर भारतीय शेयर बाजार पर नहीं दिखा।
सेंसेक्स 1690.23 अंक टूटकर 73,583.22 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 486.85 अंक गिरकर 22,819.60 के स्तर पर बंद हुआ।
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बड़े शेयरों में गिरावट
रिलायंस इंडस्ट्रीज में करीब 2.77% की गिरावट ने बाजार पर सबसे ज्यादा दबाव डाला। इसके अलावा बजाज फाइनेंस, एलएंडटी, एचडीएफसी बैंक और अन्य दिग्गज शेयरों में भी 2–2.5% तक की गिरावट दर्ज की गई।
क्यों टूटा बाजार?
विशेषज्ञों के अनुसार, भले ही तनाव कम होने के संकेत मिले हैं लेकिन भू-राजनीतिक अनिश्चितता अभी खत्म नहीं हुई है। साथ ही कच्चा तेल अभी भी 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बना हुआ है, जो भारत जैसे आयातक देश के लिए चिंता का विषय है।
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रामनवमी के चलते गुरुवार को भारतीय बाजार बंद था, जबकि ग्लोबल मार्केट्स में गिरावट आई थी जिसका असर शुक्रवार को घरेलू बाजार पर दिखा।