Edited By Anu Malhotra,Updated: 27 Mar, 2026 08:28 AM

lpg tanker jag vasant : जब दुनिया भर में ईंधन की सप्लाई को लेकर उथल-पुथल मची हो, तब गुजरात के तट से एक बेहद सुकून भरी खबर आई है। 'जग वसंत' नाम का एक विशाल समुद्री जहाज होर्मुज के संकरे और चुनौतीपूर्ण रास्ते को पार कर कांडला पोर्ट पर उतर चुका है। इस...
lpg tanker jag vasant : जब दुनिया भर में ईंधन की सप्लाई को लेकर उथल-पुथल मची हो, तब गुजरात के तट से एक बेहद सुकून भरी खबर आई है। 'जग वसंत' नाम का एक विशाल समुद्री जहाज होर्मुज के संकरे और चुनौतीपूर्ण रास्ते को पार कर कांडला पोर्ट पर उतर चुका है। इस जहाज के पेट में 42 हजार मीट्रिक टन से ज्यादा LPG भरी हुई है, जो आने वाले दिनों में देश के लाखों चूल्हों को जलते रखने में मदद करेगी।
समंदर के बीचों-बीच ही शुरू हुआ 'operation delivery'
कांडला पोर्ट अथॉरिटी ने इस खेप को जल्द से जल्द उतारने के लिए 'मिड-सी ट्रांसफर' की तकनीक अपनाई है। इसका मतलब है कि जहाज को किनारे पर पूरी तरह खड़ा करने का इंतजार किए बिना, गहरे समंदर में ही गैस को पोर्ट के सिस्टम तक पहुंचा दिया जाएगा। इससे न केवल कीमती वक्त बचेगा, बल्कि गैस की सप्लाई भी बहुत तेजी से शुरू हो सकेगी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊर्जा को लेकर जो अनिश्चितता बनी हुई है, उसे देखते हुए यह तेजी बेहद जरूरी मानी जा रही है।
भारत की कूटनीतिक जीत का असर
दिलचस्प बात यह है कि इस जहाज का सफर होर्मुज के रास्ते हुआ है, जहां से गुजरने की इजाजत ईरान ने बहुत गिने-चुने देशों को ही दी है। भारत उन चुनिंदा मुल्कों में शामिल है जिसे ईरान ने अपना समुद्री रास्ता इस्तेमाल करने का भरोसा दिया है। इसी दोस्ती और भरोसे का नतीजा है कि 'जग वसंत' बिना किसी रुकावट के भारत पहुंच सका।
कांडला पोर्ट: देश की ऊर्जा का द्वार
कांडला बंदरगाह भारत के लिए ऊर्जा आयात का सबसे बड़ा केंद्र है। यहां से आने वाली गैस देश के अलग-अलग कोनों में भेजी जाती है। गैस की इतनी बड़ी खेप पहुंचने से अब घरेलू बाजार में सप्लाई की किल्लत होने का डर खत्म हो गया है। इससे आने वाले दिनों में आम आदमी को रसोई गैस की सुचारू सप्लाई मिलती रहेगी और कीमतों में स्थिरता बनी रहने की उम्मीद है।