संकट गणेश चतुर्थी : एेसे करें श्रीगणेश पूजन

Edited By Updated: 08 Jan, 2015 06:37 AM

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हिंदू पंचांग के अनुसार माघ मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को संकट गणेश चतुर्थी का व्रत किया जाता है।

जालंधरः हिंदू पंचांग के अनुसार माघ मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को संकट गणेश चतुर्थी का व्रत किया जाता है। इसे तिल चतुर्थी भी कहते हैं। इस बार संकट गणेश चतुर्थी का व्रत 8 जनवरी यानि  अाज है । इस दिन विशेष रूप से भगवान श्रीगणेश व चंद्रमा की पूजा की जाती है। इस व्रत की पूजन विधि इस प्रकार है।

 

 

 

तिल चतुर्थी के दिन सुबह स्नान आदि से निवृत होकर स्वच्छ वस्त्र धारण करें। इसके बाद एक स्वच्छ आसन पर बैठकर भगवान श्रीगणेश की पूजा करें। पूजा के दौरान भगवान गणेश को धूप व दीप दिखाएं। इसके बाद फल, फूल, चावल, रौली, मौली, पंचामृत से स्नान आदि कराने के पश्चात भगवान गणेश को तिल से बनी वस्तुओं या तिल तथा गुड़ से बने लड्डुओं का भोग लगाएं।

 

 

 

इस दिन व्रत रखने वाले व्यक्ति को लाल वस्त्र धारण करने चाहिए। पूजा करते समय पूर्व अथवा उत्तर दिशा की ओर मुख करके बैठें। भगवान गणेश की पूजा करने के बाद उसी समय गणेशजी के मंत्र ऊं श्रीगणेशाय नम: का जाप 108 बार करें। शाम को कथा सुनने के बाद गणेशजी की आरती उतारें। चंद्रमा के उदय होने पर उनका भी पंचोपचार से पूजन करें।

 

 

 

इस प्रकार विधिवत भगवान श्रीगणेश का पूजन करने से मानसिक शान्ति मिलने के साथ आपके घर-परिवार के सुख व समृद्धि में वृद्धि होती है।

 

 

 

 

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