डबल ट्रैप को ओलम्पिक में बने रहना चाहिए: अंकुर मित्तल

Edited By Updated: 08 Oct, 2017 06:20 PM

double trap should remain in the olympics ankur mittal

विश्व के नंबर एक डबल ट्रैप निशानेबाज भारत के अंकुर मित्तल का कहना है कि अंतर्राष्ट्रीय ओलम्पिक समिति (आईओसी) को डबल ट्रैप स्पर्धा को ओलम्पिक से बाहर करने के अपने फैसले पर पुनर्विचार करना

नई दिल्ली: विश्व के नंबर एक डबल ट्रैप निशानेबाज भारत के अंकुर मित्तल का कहना है कि अंतर्राष्ट्रीय ओलम्पिक समिति (आईओसी) को डबल ट्रैप स्पर्धा को ओलम्पिक से बाहर करने के अपने फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए और इसे ओलम्पिक में बरकरार रखना चाहिए। डबल ट्रैप में विश्व रैंकिंग में नंबर एक पोजीशन पर पहुंचने वाले दूसरे भारतीय निशानेबाज बने मित्तल ने कहा, Þआईओसी का यह फैसला भारत के हित में नहीं है। भारत हमेशा डबल ट्रैप में अच्छा प्रदर्शन करता आया है। इसे हटाने से भारत को ओलम्पिक में नुक्सान होगा।

मित्तल डबल ट्रैप रैंकिंग में रोंजन सोढी के बाद नंबर एक बनने वाले दूसरे भारतीय निशानेबाज बने हैं। उनकी इस उपलध के लिए मानव रचना इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी ने उन्हें समानित किया था जहां वह एमबीए के छात्र हैं। 25 वर्षीय मित्तल ने कहा आईओसी यह फैसला कर चुकी है कि डबल ट्रैप को अगले टोक्यो ओलिपक में नहीं रखा जायेगा और इसकी जगह मिश्रित ट्रैप स्पर्धा को लाया जा रहा है। यह बेशक आईओसी का फैसला है।

हमारी तरफ से गलती रही है कि आईओसी के एथलेटिक्स आयोग के अध्यक्ष और पूर्व भारतीय निशानेबाज अभिनव ङ्क्षबद्रा ने ही यह प्रस्ताव दिया था कि डबल ट्रैप की जगह पुरुष और महिला की मिश्रित ट्रैप स्पर्धा को लाया जाए। उन्होंने कहा कि मुझे समझ नहीं आता कि ङ्क्षबद्रा ने यह प्रस्ताव कैसे दिया जबकि वह जानते हैं भारत को निशानेबाजी में पहला पदक डबल ट्रैप के जरिये राज्यवर्धन सिंह राठौर ने दिलाया था जो इस समय देश के खेल मंत्री हैं।

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