Edited By Tanuja,Updated: 04 Apr, 2026 02:29 PM

Iran ने Pakistan की मध्यस्थता को ठुकराते हुए साफ कहा कि उसे “शांति का दलाल” बनने की जरूरत नहीं। United States से बातचीत से भी इनकार किया गया, जिससे क्षेत्रीय तनाव और कूटनीतिक टकराव बढ़ गया है।
International Desk: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच Pakistan को बड़ा झटका लगा है। Iran ने साफ शब्दों में कह दिया है कि उसे पाकिस्तान की मध्यस्थता की कोई जरूरत नहीं है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान खुद को इस संकट में “पीस ब्रोकर” के रूप में पेश कर रहा था और अमेरिका व ईरान के बीच बातचीत कराने की कोशिश कर रहा था। लेकिन ईरान ने इस प्रयास को खारिज कर दिया और यहां तक कहा कि “शांति का दलाल बनने की जरूरत नहीं।”
ईरान ने United States के साथ बातचीत से भी इनकार कर दिया है। उसने अमेरिका की ओर से रखी गई शर्तों को “अस्वीकार्य” बताया, जिससे साफ है कि फिलहाल किसी समझौते की संभावना बहुत कम है। इस फैसले से पाकिस्तान की कूटनीतिक कोशिशों को बड़ा झटका लगा है और उसकी भूमिका लगभग खत्म होती दिख रही है। अब क्षेत्र में तनाव और बढ़ सकता है क्योंकि बातचीत के रास्ते बंद होते नजर आ रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे हालात में Qatar जैसे देश भविष्य में मध्यस्थता की भूमिका निभा सकते हैं, लेकिन अभी स्थिति काफी गंभीर बनी हुई है।
ईरान के इस सख्त रुख ने मिडिल ईस्ट की स्थिति को और जटिल बना दिया है, जहां जंग और कूटनीति दोनों एक साथ चल रहे हैं लेकिन समाधान दूर नजर आ रहा है।
ईरान ने यह भी कहा है कि वह Strait of Hormuz में मौजूदा स्थिति को लंबे समय तक बनाए रखने की क्षमता रखता है। यह बयान अमेरिका और उसके सहयोगियों के लिए चिंता बढ़ाने वाला है, क्योंकि यह जलमार्ग तेल आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।