
उत्तर भारत में एक बार फिर बत्ती गुल होने का खतरा अभी तक बरकरार है। मंगलवार को दो और प्रोजेक्टों के बंद होने से कुल 3000 मेगावाट क्षमता के प्रोजेक्टों में बिजली उत्पादन ठप पड़ गया है।

पंजाब को बिजली सरप्लस बनाने बारे दावों के बीच 5 साल गुजरने के बाद सुखबीर बादल ने अब जनता से और समय मांगा है। वहीं अब सिधवां नहर के साथ एक्सप्रैस-वे बनाने के उनके ड्रीम प्रोजैक्ट की डैडलाइन भी आगे चली गई है।

बिजली की अवैध काटौती को लेकर लोगों को बरसात की उमस से बचने का कोई भी ओर साधन नहीं मिला रहा है। जब कि बिजली का समस्या बहुत ही जाटिल बनती जा रही है। जिस के प्रति सरकार पूरी तरह से गंभीर नहीं है।

धर्मनगरी के विभिन्न इलाकों में आसमानी बिजली ने जमकर कहर बरपाया। देखते ही देखते हजारों का सामान स्वाहा हो गया। इसके अलावा लगभग 6 घंटे बिजली प्रणाली बंद रही।

उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन के अधिकारियों की सजगता से समय रहते कुछ शहरों की बिजली काटकर आज एक बार फिर ग्रिड ठप होने से बचा लिया गया।

गर्मी व उमस के बीच बिजली कटों ने इन दिनों ग्रामीणों की नींद हराम कर रखी है। ब्लाक के दर्जनभर गांवों में पिछले एक सप्ताह से रात को बिजली गुल रहती है

एक ओर तो प्रदेश में बिजली की किल्लत को लेकर त्राहि-त्राहि मची हुई है। वहीं, दूसरी ओर कुछ ऐसे विभाग भी हैं, जो बेफिजूल बिजली खर्च करने में भी संकोच नहीं करते। अब ये लापरवाही हो या जानबूझ कर किया जाए, नतीजा तो आम लोगों को भुगतना पड़ता है।

मिल गेट क्षेत्र के लोगों ने रविवार को चौकी के सामने बिजली की समस्या को लेकर जाम लगा दिया। इस दौरान विनोद नगर, शिव नगर तथा तरसेम नगर के लोगों ने कहा कि पिछले 3 दिनों से उनके यहां बिजली नहीं आ रही है।

सांजरवास पावर हाऊस के बौंदकलां व सांजरवास फीडर के गांवों में बिजली संकट गहराया हुआ है। इन गांवों में 24 घंटों में मात्र 5-6 घंटे ही बिजली की आपूर्ति हो रही है।

केन्द्र सरकार ग्रिड से ज्यादा बिजली लेने वाले राज्यों के खिलाफ सख्त कदम उठाने पर विचार कर रही है जिनमें दोषी राज्य के मुख्य सचिव के लिए कैद का प्रावधान भी शामिल है।

देश में कोयले का उत्पादन बढाने के नाम पर सरकार बडी संख्या में इसकी खानों के आवंटन को भले ही सही ठहरा रही हो लेकिन सच्चाई यह है कि विद्युत संयंत्रों को इसकी भारी कमी का सामना करना पड रहा है

बिजली की किल्लत व बिजली कर्मचारियों की मनमानी के चलते वार्ड-12 व 13 में रहने वाले लोगों ने शनिवार सुबह बिजली घर के मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया।

बीती रात शाहाबादवासियों को बिना बिजली के गुजारनी पड़ी। भारी गर्मी, इन्वर्टर फेल, बिजली नदारद होने के कारण जनता बिजली विभाग को कोसती दिखाई दी।

बिजली कर्मचारियों की जत्थेबंदी टैक्नीकल सॢवसिज यूनियन के आह्वान पर पावर कॉम के मुख्य कार्यालय पटियाला समक्ष बिजली कर्मचारियों द्वारा अपनी मांगों की पूर्ति के लिए राज्य स्तरीय रोष धरना दिया गया।

बिजली विभाग ने बिजली बिल डिफाल्टरों को सबक सिखाने का मन बना लिया है। उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (यू.एच.बी.वी.एन.) के आंकड़े तो इसी बात की गवाही देते हैं

कोयला ब्लाक आवंटन पर नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक ‘कैग’ की बहुचर्चित रिपोर्ट प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए रिलायंस पावर ने कहा कि अतिरिक्त कोयला आंवटन के निर्णय को उच्चाधिकार प्राप्त मंत्री के समूह ‘ईजीओएम’ की अनुमति प्राप्त है। कोयला आवंटन से संबंधित कैग की रिपोर्ट आज संसद में पेश की गई जिसमें सरकारी खजाने को 1.86 लाख करोड़ रुपए के नुकसान का अनुमान लगाया गया है।