Edited By Niyati Bhandari,Updated: 13 Jun, 2026 01:08 PM

Purushottam Maas 2026: ज्येष्ठ अधिक मास 2026 की समाप्ति 15 जून को हो रही है। पुरुषोत्तम मास के अंतिम दिनों में ये 5 विशेष कार्य करने से कर्ज, रोग और आर्थिक तंगी से मुक्ति मिलती है। जानें शुभ फल पाने के उपाय।
Malmas 2026: सनातन धर्म में अधिक मास का विशेष महत्व है, जिसे हम मलमास या पुरुषोत्तम मास के नाम से भी जानते हैं। साल 2026 में ज्येष्ठ माह का यह पवित्र अधिक मास 15 जून को समाप्त होने जा रहा है। मान्यता है कि यह महीना भगवान विष्णु को अत्यंत प्रिय है और इस दौरान किए गए दान-पुण्य का फल अन्य महीनों की तुलना में सौ गुना अधिक मिलता है। यदि आप भी अपने जीवन से आर्थिक तंगी, मानसिक अशांति या स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को दूर करना चाहते हैं, तो मलमास की समाप्ति से पहले ये 5 विशेष कार्य जरूर करें।
याद रखें, 15 जून तक का यह समय आपके भाग्य को चमकाने का एक सुनहरा अवसर है। श्रद्धा और विश्वास के साथ किए गए ये उपाय आपके जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं। पुरुषोत्तम मास की इस ऊर्जा का लाभ उठाएं और श्रीहरि की कृपा प्राप्त करें।

पुरुषोत्तम मास समाप्त होने से पहले सुबह और शाम दीपदान करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं, दुख व शोक का नाश होता है, वंशदीप बढ़ता है, आयु बढ़ती है।
मौन, नाम स्मरण, संत सान्निध्य करने से अनगिनत लाभ होते हैं। जिसकी आप कल्पना भी नहीं कर सकते।
बेसहारा और असहाय लोगों का सहारा बनकर उन्हें उचित दिशा दिखाने व भोजन कराने से पुण्य प्राप्त होता है। दीन-दुखी, साधु-संतों तथा गरीबों को अन्नदान करने, महापुरुषों की पूजा करने से हृदय को शांति मिलती है।

गौमाता की पूजा का भी अपना महत्व है। मन को संयम की लगाम लगाकर इन्द्रियों को प्रत्यनपूर्वक सन्मार्ग पर चलाना, श्रद्धा बढ़ाना तथा संत/सत्गुरु को प्राप्त कर भवसागर से तरने का माध्यम है।

सुबह स्नान के बाद तुलसी को जल चढ़ाएं और सेवा करें। जल चढ़ाते समय ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः मंत्र का जाप करें। शाम को नियमित रूप से तुलसी के आगे घी का दीपक जलाना बहुत प्रभावशाली होता है। जिस घर में संध्या समय तुलसी पर दीपदान किया जाता है। वहां से दरिद्रता सदा के लिए दूर भागती है और मां लक्ष्मी का बसेरा बना रहता है। प्रतिदिन ऐसा करें और वृंदा देवी की आरती भी करें।
