Edited By Niyati Bhandari,Updated: 12 Jun, 2026 10:49 AM

Somvati Amavasya upay for pitra dosh: क्या आपकी तरक्की पर भी लगा है पितृ दोष का ग्रहण? जानें सोमवती अमावस्या पर किए जाने वाले वो गुप्त उपाय जिनसे बीमारियां, गृह-क्लेश और व्यापारिक बाधाएं जड़ से खत्म होंगी।
Somvati Amavasya 2026: अक्सर कड़ी मेहनत के बाद भी जीवन में सफलता हाथ नहीं लगती और घर में बीमारियों का डेरा बना रहता है। शास्त्रों के अनुसार, जब तक हमारे पूर्वज यानी पितर प्रसन्न नहीं होते, तब तक देवी-देवता और नवग्रह भी अनुकूल फल नहीं देते। पितृ दोष के कारण न केवल स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ता है, बल्कि व्यापार और पारिवारिक सुख भी छिन जाता है। सोमवती अमावस्या पर कुछ विशेष उपायों के जरिए आप पितृ दोष से मुक्ति पाकर अपने जीवन को फिर से प्रकाशमय बना सकते हैं।
Pitru Dosha Upay: पितर दोष हो तो देवता-ग्रह भी काम नहीं करते। लकवा, कैंसर और सिरदर्द जैसे रोग उत्पन्न होते हैं। गृह-क्लेश, विवाह-संतान, मकान, व्यापार-नौकरी में तनाव उत्पन्न होकर काम अंतिम क्षण में बिगड़ जाता है। पितर दोष मनुष्य के वर्तमान जीवन की सफलता-असफलता में अपना अदृश्य प्रभाव निश्चित रूप से डालते हैं। जिस व्यक्ति पर पितरों का ऋण हो, वह जीवन में आगे नहीं बढ़ सकता तथा उसका जीवन ग्रहण लग कर प्रकाशहीन हो जाता है। कलंक, घोर संकट, असाध्य बीमारी एवं कभी-कभी अकाल मृत्यु का कारण भी बन जाता है। इसलिए सोमवती अमावस्या को निम्र प्रयोग कर लाभ उठा सकते हैं :

गृह-क्लेश: पत्नी के कारण गृह-क्लेश हो तो गौरी-शंकर रुद्राक्ष एवं पति-पत्नी वशीकरण सिद्ध यंत्र धारण करें।
पितृ दोष का प्रभाव: चंद्रमा से पीड़ित जातक दूध, चावल, घी, अनाथालय या वृद्धाश्रम में दान करें तथा अपने माता-पिता को अपने हाथों से सायं काल दूध पिलाएं।
ग्रह शांति: संतान अथवा केतु से पीड़ित जातक 101 तंदूर की मीठी रोटी बनाकर गाय, कौओं व कुत्तों को खिलाएं तथा किसी पवित्र नदी या सरोवर का जल अपने घर में रखें।
व्यापार और कर्ज: व्यापार में घाटा हो रहा हो या कर्ज बढ़ गया हो तो अभिमंत्रित एकाक्षी श्रीफल को सिंदूर लगाकर सूर्योदय से पूर्व चौराहे पर रखवा दें अथवा वैष्णो देवी मंदिर (जम्मू-कश्मीर), मां काली का साक्षात् स्वरूप भैवाल माता (राजस्थान), काली मंदिर, कालका (दिल्ली) में चढ़ा दें।
