Edited By ,Updated: 08 Jan, 2026 04:14 AM

भारत तथा विश्व के अनेक देशों में पतंगबाजी अत्यंत लोकप्रिय है। पतंग उड़ाने को खुशी का प्रतीक भी माना जाता है, इसलिए बच्चों से लेकर बड़ों तक हर कोई पतंग उड़ाने के लिए उत्सुक रहता है परंतु कई बार बच्चे छत पर पतंग उड़ाने के दौरान नीचे गिर कर घायल हो...
भारत तथा विश्व के अनेक देशों में पतंगबाजी अत्यंत लोकप्रिय है। पतंग उड़ाने को खुशी का प्रतीक भी माना जाता है, इसलिए बच्चों से लेकर बड़ों तक हर कोई पतंग उड़ाने के लिए उत्सुक रहता है परंतु कई बार बच्चे छत पर पतंग उड़ाने के दौरान नीचे गिर कर घायल हो जाते हैं और कई बार तो उनकी मौत भी हो जाती है। इससे खुशी गम में बदल जाती है। पतंगबाजी में इस्तेमाल ‘चाइनीज डोर’ भी दुर्घटनाओं का कारण बनती है। पतंगबाजी के दौरान दुर्घटनाओं के चंद उदाहरण निम्न में दर्ज हैं :
* 7 जनवरी, 2025 को ‘समाना’ (पंजाब) में पतंग उड़ाते समय मकान की छत से गिर कर पांचवीं कक्षा के छात्र 11 वर्षीय जशनदीप की सिर पर चोट लग जाने के परिणामस्वरूप जान चली गई।
* 15 जनवरी, 2025 को ‘नागपुर’ (महाराष्ट्र) में एक ही दिन में पतंगबाजी के दौरान हुई 4 अलग-अलग दुर्घटनाओं में एक 22 वर्षीय युवक सोहेल खान की मौत हो गई तथा 2 महिलाओं सहित 3 लोगों के गले ‘चाइनीज डोर’ से कट जाने के कारण वे गंभीर रूप से घायल हो गए।
* 18 जनवरी, 2025 को ‘शिवपुरी’ (मध्य प्रदेश) में पतंग उड़ाते समय ‘भारत’ नामक एक 10 वर्षीय बच्चा छत से नीचे गिर जाने से गंभीर रूप से घायल हो गया तथा उसके दोनों हाथ टूट गए।
* 13 जुलाई, 2025 को ‘बदायूं’ (उत्तर प्रदेश) के गांव ‘खैरी’ में पतंग उड़ाने के दौरान संतुलन बिगड़ जाने के कारण ‘शिवम’ नामक लड़के की छत से नीचे गिर कर मौत हो गई।
* 23 जुलाई, 2025 को ‘दिल्ली’ में मकान की तीसरी मंजिल की छत पर पतंग उड़ाने के दौरान एक 10 वर्षीय बच्चा नीचे गिर गया और घायल हालत में अस्पताल ले जाने के दौरान रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया।
* 17 अगस्त, 2025 को ‘दिल्ली’ के ‘जाकिर नगर’ में ‘मोहम्मद शाद’ नामक 12 वर्षीय बच्चे की अपने घर की चौथी मंजिल की छत पर पतंग उड़ाने के दौरान पैर फिसल जाने के कारण नीचे गली में गिर जाने से मौत हो गई।
* 27 अक्तूबर, 2025 को ‘लखनऊ’ (उत्तर प्रदेश) के ‘आलम नगर’ में अपने घर की दूसरी मंजिल की छत पर पतंग उड़ाने के दौरान 10 वर्षीय ‘रोशन साहनी’ की छत से नीचे गिर जाने के कारण मौत हो गई।
* 23 दिसम्बर, 2025 को ‘मेरठ’ (उत्तर प्रदेश) की ‘शाहजहां कालोनी’ में पतंग उड़ा रहा 12 वर्षीय बालक ‘अयान’ संतुलन बिगड़ जाने के कारण छत से नीचे गिर गया व सिर पर लगी गंभीर चोट के कारण उसकी मौत हो गई।
* 29 दिसम्बर, 2025 को ‘करनाल’ (हरियाणा) में रेल पटरी के निकट कटी पतंग लूटने के चक्कर में एक 10 वर्षीय बच्चे की ‘वंदे भारत’ ट्रेन की चपेट में आ जाने से मौत हो गई।
* 2 जनवरी, 2026 को ‘धार’ (मध्य प्रदेश) के दौलत नगर में पतंग उड़़ाते समय रुद्र नामक 13 वर्षीय बच्चा मकान की छत के निकट से गुजर रही हाईटैंशन बिजली लाइन के संपर्क में आकर गंभीर रूप से झुलस गया।
* 5 जनवरी, 2026 को ‘उज्जैन’ (मध्य प्रदेश) में प्रतिबंधित ‘चाइनीज डोर’ की चपेट में आ जाने के कारण सड़क पर जा रहे एक व्यक्ति का गला कट गया और उसे गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती करवाना पड़ा।
* 6 जनवरी, 2026 को ‘जगराओं’ (पंजाब) में छत पर अकेला पतंग उड़ा रहा एक 10 वर्षीय बच्चा संतुलन बिगड़ जाने के कारण छत से नीचे गिर गया और उसकी मृत्यु हो गई।
* और अब 7 जनवरी, 2026 को ‘संगारैड्डी’ (तेलंगाना) में हाईटैंशन बिजली की तारों में अटकी पतंग को खींचने के दौरान एक 6 वर्षीय बच्चा करंट लगने के कारण गंभीर रूप से घायल हो गया।
उक्त घटनाओं से स्पष्टï है कि पतंग उड़ाते समय अत्यंत सावधानी बरतने की जरूरत है। यथासंभव खुले इलाकों, मैदानों आदि में ही पतंगबाजी करनी चाहिए। बच्चों के अभिभावकों को अपने बच्चों को मकान की छतों व गलियों आदि में पतंगबाजी करने से रोकना चाहिए ताकि इस प्रकार की घटनाओं से होने वाली प्राणहानि से बचा जा सके।—विजय कुमार