‘रेलगाड़ियों में अपराध’ यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए!

Edited By Updated: 16 May, 2026 04:21 AM

crime in trains passenger safety must be ensured

देश की ‘जीवन रेखा’ कहलाने वाली भारतीय रेलों में चोरी, हत्या तथा  बलात्कार जैसी घटनाएं जारी रहने के कारण इनमें आम आदमी के लिए यात्रा करना कठिन होता जा रहा है जिनकी इसी वर्ष की चंद घटनाएं निम्न में दर्ज हैं :

देश की ‘जीवन रेखा’ कहलाने वाली भारतीय रेलों में चोरी, हत्या तथा  बलात्कार जैसी घटनाएं जारी रहने के कारण इनमें आम आदमी के लिए यात्रा करना कठिन होता जा रहा है जिनकी इसी वर्ष की चंद घटनाएं निम्न में दर्ज हैं :

* 11 जनवरी को मुंबई की एक लोकल ट्रेन में एक यात्री ने हिंदी में बात कर रहे सह-यात्रियों को जबरन मराठी बोलने के लिए मजबूर किया और मना करने पर उनके साथ बुरी तरह मारपीट की तथा अपशब्द कहे।
* 24 जनवरी को ‘ठाणे-डोंबीवली लोकल ट्रेन’ में भीड़ के कारण सीट  न मिलने के चलते हुए विवाद में 2 महिला यात्रियों ने एक-दूसरी के बाल खींचे तथा आपस में जम कर लात-घूंसे बरसाए।
* 8 फरवरी को मुंबई के घाटकोपर स्टेशन पर एक लोकल ट्रेन के लेडीज कोच में एक पुरुष बुर्का पहन कर घुस गया और महिला यात्रियों के साथ छेड़छाड़ करने की कोशिश की। 
* 11 फरवरी को ‘भोपाल’ (मध्य प्रदेश) में जी.टी. एक्सप्रैस में ‘बीना’ तथा ‘विदिशा’ स्टेशनों के बीच 2-3 वेेटरों द्वारा एक यात्री को बेरहमी से पीटते हुए घसीट कर पैंट्री कार में ले जाने का वीडियो वायरल हुआ। 
* 15 फरवरी को अहमदाबाद-गोरखपुर एक्सप्रैस में यात्रा कर रही एक एन.सी.सी. कैडेट युवती स्टेशन पर भीड़ के कारण टिकट नहीं ले पाई और ए.सी. कोच में चढ़ गई। उसे सीट दिलाने का झांसा देकर एक टी.टी. ने कैबिन में ले जाकर उससे बलात्कार कर डाला और ‘देवरिया’ मेंं ट्रेन से उतर कर फरार हो गया।

* 6 मार्च को होली के त्यौहार के दौरान हुड़दंगियों ने बिहार में धीमी गति से चल रही एक पैसेंजर ट्रेन पर कीचड़, रंग और गोबर फैंका जिससे खिड़की के पास बैठे यात्रियों में दहशत फैल गई। 
* 13 मार्च को पटना जा रही बिहार रूट की एक ट्रेन के जनरल कोच में सीट को लेकर एक महिला और युवक के बीच हिंसक झड़प हुई। महिला ने युवक को चप्पल दिखाकर गालियां निकालीं जिसके बाद युवक ने महिला को चलती ट्रेन में कई थप्पड़ जड़ दिए।
* 19 मार्च को ‘आला हजरत एक्सप्रैस ट्रेन’ में गलती से स्लीपर कोच में सफर कर रही एक महिला यात्री के साथ टी.टी.ई. ‘द्वारका शर्मा’ द्वारा  बदसलूकी तथा उस पर हमला करने का मामला सामने आया।

* 27 अप्रैल को ‘बरेली’ (उत्तर प्रदेश) से ऋषिकेश-मुजफ्फरपुर विशेष ट्रेन में यात्रा कर रहे बिहार के रहने वाले मौलवी तौसीफ रजा का शव पालपुर रेलवे क्रासिंग के ट्रैक के निकट पड़ा मिला। 
मृतक की पत्नी तबस्सुम का आरोप है कि उसके पति की मौत ट्रेन में कई लोगों द्वारा उसकी पिटाई करने के कारण हुई तथा आरोपियों ने हत्या को दुर्घटना का रूप देने के लिए उसका शव चलती ट्रेन से बाहर फैंक दिया।
* 2 मई को बिहार में गया-पटना रेल खंड में ‘बेलागंज’ थाना क्षेत्र में 2-3 युवकों ने एक युवती को फुसला कर चेन पुङ्क्षलग कर ट्रेन से नीचे उतार कर उसके साथ बलात्कार कर डाला।
* 11 मई को उत्तर प्रदेश में एक पूर्व सैनिक ने 26 घंटों के भीतर 3 लोगों की हत्या कर दी। 2 हत्याएं उसने चंदौली जिले में 2 अलग-अलग रेलगाडिय़ों में दाखिल होकर कीं जबकि तीसरी घटना में उसने एक अस्पताल में इलाज करवाने के बहाने दाखिल होकर एक महिला को अपना शिकार बनाया जो वहां इलाज करवा रही थी। 

* 11 मई को ही ‘पलारुवी एक्सप्रैस’ में अपने दादा के साथ केरल से तमिलनाडु में अपने घर जा रही 6 वर्ष की बच्ची का यौन उत्पीडऩ करने के आरोप में एक 40 वर्षीय व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया। 
उक्त घटनाओं से स्पष्टï है कि  रेलगाडिय़ों में गुंडागर्दी किस कदर बढ़ती जा रही है। अत: रेल मंत्रालय को इस सम्बन्ध में तुरंत जरूरी पग उठा कर यात्रियों की सुरक्षा यकीनी बनानी चाहिए।—विजय कुमार 

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