‘कैसा आया यह जमाना’ मृतकों की अस्थियां भी होने लगीं चोरी!

Edited By Updated: 06 Jun, 2026 04:01 AM

even the bones of the dead have started getting stolen

स्वतंत्रता के 79 वर्षों के बाद भी कई लोग वहमों-भ्रमों से मुक्त नहीं हो पाए हैं और अंधविश्वासों में पड़ कर अपनी स्वार्थ पूर्ति के लिए ऐसे-ऐसे काम कर रहे हैं जिनकी सभ्य समाज में कल्पना भी नहीं की जा सकती।

स्वतंत्रता के 79 वर्षों के बाद भी कई लोग वहमों-भ्रमों से मुक्त नहीं हो पाए हैं और अंधविश्वासों में पड़ कर अपनी स्वार्थ पूर्ति के लिए ऐसे-ऐसे काम कर रहे हैं जिनकी सभ्य समाज में कल्पना भी नहीं की जा सकती। यहां तक कि चंद लोग तंत्र-मंत्र के लिए श्मशानघाटों से मृतकों की अस्थियां तक चुरा रहे हैं जिनकी इसी वर्ष सामने आई घटनाएं निम्न में दर्ज हैं :  

* 7 जनवरी को ‘पटियाला’ (पंजाब) में ‘घलौड़ी गेट’ स्थित श्मशानघाट में एक मृतक के अंतिम संस्कार के बाद वहां रखी अस्थियां चुरा ली गईं।
* 9 जनवरी को ‘कोटा’ (राजस्थान) में ‘कमला देवी’ नामक महिला की मृत्यु के बाद जब उसके परिजन तीसरे दिन की रस्म के सिलसिले में श्मशानघाट पहुंचे तो वहां न ही मृतका की अस्थियां मिलीं और न ही राख। 
* 30 जनवरी को ‘कैराना’ (उत्तर प्रदेश) के ‘झाडख़ेड़’ गांव के श्मशानघाट में रखी ‘मिथन सिंह’ नामक बुजुर्ग की अस्थियां चुराने के आरोप में पुलिस ने 2 महिलाओं को गिरफ्तार किया। 
* 10 मार्च को ‘कोटा’ (राजस्थान) की ‘रामगंज मंडी’ के मुक्तिधाम में अंतिम रस्मों के लिए रखी एक महिला की अस्थियां चुरा ली गईं और उनकी जगह तंत्र-मंत्र में काम आने वाली चीजें रखी मिलीं।
* 17 अप्रैल को ‘मेरठ’ (उत्तर प्रदेश) के ‘मोरना’ गांव स्थित श्मशानघाट से ‘अजब सिंह’ नामक युवक की अस्थियां चुरा लेने के आरोप में मृतक के परिजनों ने एक तांत्रिक के विरुद्ध पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई।
* 18 अप्रैल को ‘बूंदी’ (राजस्थान) के ‘लखेरी’ कस्बे के श्मशानघाट में अंतिम संस्कार के बाद अगली रस्मों के लिए रखी एक बुजुर्ग की अस्थियां चुरा ली गईं। मृतक के परिजन जब अस्थियां लेने गए तो वहां अस्थियों की बजाय उन्हें तंत्र-मंत्र में इस्तेमाल होने वाली वस्तुएं-मटकी, शराब की बोतल, मांस तथा कुछ अन्य वस्तुएं पड़ी मिलीं। 

* 18 अप्रैल को ही ‘मेरठ’ (उत्तर प्रदेश) के ‘भावनपुर’ में जब एक बुजुर्ग के परिजन मुक्ति धाम में रखी उसकी अस्थियां लेने गए तो अस्थियां गायब देख कर स्तब्ध रह गए। परिजनों की शिकायत पर अस्थियां चुराने के आरोप में ‘मोरना’ गांव के रहने वाले ‘ताहिर’ को गिरफ्तार किया गया। 
* 5 मई को ‘हापुड़’ (उत्तर प्रदेश) में पुलिस ने एक जलती चिता से मानव खोपड़ी चुराने वाले 3 लोगों को गिरफ्तार किया। पुलिस द्वारा पूछताछ करने पर मुख्य आरोपी ‘अरमान’ ने कहा कि उसने अपनी गर्लफ्रैंड और उसके माता-पिता को तंत्र-मंत्र के जरिए वश में करने के लिए एक तांत्रिक बाबा ‘अवधेश शर्मा’ की सलाह पर यह कदम उठाया। पुलिस जब तांत्रिक ‘अवधेश शर्मा’ के घर पहुंची तो वहां भारी मात्रा में हड्डियां, चिता की राख तथा तंत्र क्रिया की अन्य वस्तुएं रखी मिलीं।

* 1 जून को ‘मंदसौर’ (मध्य प्रदेश) के ‘शामगढ़’ स्थित मुक्तिधाम में एक सड़क दुर्घटना में मारे गए मुकेश सिंह नामक युवक की अस्थियां चुरा लेने का मामला सामने आया। मृतक के रिश्तेदारों ने बताया कि जब वे रीति-रिवाज के अनुसार अस्थियां चुनने श्मशानघाट पहुंचे तो उन्होंने देखा कि वहां चिता के पास तंत्र क्रियाएं की गई थीं। 
* और अब 4 जून को नकोदर (पंजाब) के एक श्मशानघाट से अस्थियां चोरी होने का मामला सामने आया है। पुलिस को दी शिकायत में ‘कैलाश नाथ शर्मा’ ने आरोप लगाया कि उनकी माता ‘श्रीमती कांता रानी शर्मा’ की अस्थियों को संभाल गृह में सुरक्षित रख दिया गया था। बाद में जब वे अस्थियां लेने के लिए आए तो अस्थियां एवं राख का बोरा गायब मिला। समाज विरोधी तत्वों के इस प्रकार के कृत्य घोर निंदनीय हैं। इनसे सिवाय मृतकों के परिवारों की धार्मिक भावनाएं आहत करने के कुछ हासिल होने वाला नहीं है। अत: ऐसे कृत्य करने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने के साथ-साथ श्मशानघाटों पर मृतकों की अस्थियों की सुरक्षा को यकीनी बनाने की जरूरत है।—विजय कुमार

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