‘फ्रांस ने लगाई 15 वर्ष से छोटे बच्चों द्वारा’ सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर रोक!

Edited By Updated: 30 Jan, 2026 03:47 AM

france has banned the use of social media by children under 15 years of age

आज इंटरनैट के जमाने में हर चीज मोबाइल पर उपलब्ध होने के कारण सोशल मीडिया का महत्व बहुत बढ़ गया है और लोग बड़े पैमाने पर इसका इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे जहां उपयोगी जानकारी मिलती है वहीं इस पर उपलब्ध अनुचित और अश्लील सामग्री बच्चों के लिए हानिकारक भी...

आज इंटरनैट के जमाने में हर चीज मोबाइल पर उपलब्ध होने के कारण सोशल मीडिया का महत्व बहुत बढ़ गया है और लोग बड़े पैमाने पर इसका इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे जहां उपयोगी जानकारी मिलती है वहीं इस पर उपलब्ध अनुचित और अश्लील सामग्री बच्चों के लिए हानिकारक भी सिद्ध हो रही है। हालत यह हो गई है कि आज बच्चे बोलना सीखने से पहले मोबाइल फोन का इस्तेमाल करना सीख रहे हैं। बच्चों में बढ़ती ऑनलाइन गेमिंग की आदत अब भयानक लत में बदल चुकी है। स्कूल हो या घर, हर जगह बच्चे मोबाइल का इस्तेमाल करते रहते हैं। सोशल मीडिया का अत्यधिक इस्तेमाल बच्चों की मानसिक स्थिति पर बुरा असर डाल रहा है और बच्चों में नींद की कमी भी देखी गई है। यह बच्चों में डिप्रैशन, चिंता और तनाव उत्पन्न करने का कारण भी बन रहा है।

सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर अधिक समय बिताने के कारण इंटरनैट की लत लगने से बच्चों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है तथा माता-पिता के साथ उनकी दूरी एवं स्वभाव में हिंसक प्रवृत्ति बढऩे के साथ-साथ एकाग्रता में कमी आ रही है।
पिछले कुछ समय से भारत में नाबालिगों द्वारा सोशल मीडिया पर अश्लील और हिंसा को बढ़ावा देने वाली सामग्री देख कर बलात्कार व हत्या जैसी वारदातें करने के मामले बढ़-चढ़ कर सामने आ रहे हैं :

* 8 फरवरी, 2024 को कासगंज (उत्तर प्रदेश) में एक नाबालिग को पोर्न वीडियो देख कर अपनी नाबालिग बहन से बलात्कार करने के बाद उसकी हत्या कर देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। 
* 27 जुलाई, 2024 को ‘रीवा’ (मध्य प्रदेश) में सोशल मीडिया पर अश्लील सामग्री देखने के बाद अपनी 9 वर्ष की छोटी बहन से बलात्कार करने के बाद उसकी हत्या करने के आरोप में एक नाबालिग को गिरफ्तार किया गया। 

बाल मन पर सोशल मीडिया के दुष्प्रभावों को देखते हुए ही अनेक देशों ने छोटी आयु के बच्चों द्वारा सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा दिया है। इनमें आस्ट्रेलिया, मलेशिया तथा अमरीका के कुछ राज्य शामिल हैं जबकि डेनमार्क, ग्रीस, स्पेन, न्यूजीलैंड तथा आयरलैंड आदि देश भी इस तरह का प्रतिबंध लगाने पर विचार कर रहे हैं। 

इससे पहले ब्रिटेन के स्कूलों में मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर पूर्ण रोक लगाने के निर्देश जारी करते हुए कहा गया था कि स्कूल में मोबाइल फोन पढ़ाई व अन्य गतिविधियों में बाधा बनते हैं। और अब इसी सिलसिले में फ्रांस सरकार ने भी 15 वर्ष से कम आयु के बच्चों को सोशल मीडिया से दूर रखने की कवायद शुरू कर दी है। देश की नैशनल असैम्बली ने इससे संबंधित बिल को स्वीकृति दे दी है। अब इसे सीनेट में पेश किया जाएगा और उसकी औपचारिक स्वीकृति मिलने के बाद इसे देश में 1 सितम्बर से शुरू होने वाले आगामी शिक्षा सत्र से लागू कर दिया जाएगा।

फ्रांस के राष्ट्रपति ‘इमैनुएल मैक्रों’ का कहना है कि ‘‘हमारे बच्चों के दिमाग बिकाऊ नहीं हैं। बच्चों की मानसिक और भावनात्मक सेहत को उन कम्पनियों के भरोसे पर नहीं छोड़ा जा सकता जिनका उद्देश्य सिर्फ लाभ कमाना है।’’ इसी प्रकार इस बिल को तैयार करने वाली सांसद ‘लॉर मिलर’ का कहना है कि ‘‘सोशल मीडिया प्लेटफार्म हानिकारक हैं। इन प्लेटफार्मों ने लोगों को आपस में जोडऩे का वायदा किया था परंतु अब ये समाज को बांटने लगे हैं। यह कानून समाज में एक स्पष्टï सीमा निर्धारित करेगा।’’ 

प्रस्तावित कानून के तहत फ्रांस का मीडिया रैगुलेटर बच्चों के लिए हानिकारक माने जाने वाले सोशल मीडिया प्लेटफार्मों की सूची तैयार करेगा। इन प्लेटफार्मों पर 15 वर्ष से कम आयु के बच्चों का अकाऊंट बनाना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। हमारे भारतवर्ष में भी इस तरह के कानून को तुरंत सख्तीपूर्वक लागू करने और उस पर अमल सुनिश्चित करवाने की जरूरत है, ताकि बच्चों को सोशल मीडिया के दुष्प्रभावों से बचाया जा सके।—विजय कुमार

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