‘बसों-कारों में आग लगने की घटनाएं बढ़ीं’ लापरवाही बन रही यात्रियों की जान की दुश्मन!

Edited By Updated: 29 Oct, 2025 03:24 AM

incidents of fire in buses and cars have increased

पिछले कुछ समय से यात्री बसों तथा कारों में आग लगने की घटनाओं में भारी वृद्धि देखने में आ रही है, जिससे यात्रियों के प्राण जोखिम में पड़ रहे हैं। इसी महीने सामने आई बसों-कारों में आग लगने की चंद घटनाएं निम्न में दर्ज हैं :

पिछले कुछ समय से यात्री बसों तथा कारों में आग लगने की घटनाओं में भारी वृद्धि देखने में आ रही है, जिससे यात्रियों के प्राण जोखिम में पड़ रहे हैं। इसी महीने सामने आई बसों-कारों में आग लगने की चंद घटनाएं निम्न में दर्ज हैं :
*  6 अक्तूबर को ‘फरीदाबाद’ (हरियाणा) में चलती कार के डिवाइडर से टकराने के बाद गैस के रिसाव से उसमें आग लग जाने के परिणामस्वरूप ड्राइवर की जल कर मौत हो गई। ।
* 9 अक्तूबर को ‘विकाराबाद’ (तेलंगाना) में ‘हैदराबाद-बीजापुर’ हाईवे’ पर एक चलती कार में आग लगने से कार पूरी तरह जल गई।
*  14 अक्तूबर को ‘जैसलमेर-जोधपुर’ मार्ग पर ‘जोधपुर’ जा रही एक प्राइवेट बस में आग लग जाने की दर्दनाक घटना में 3 बच्चों सहित 28 यात्रियों की मौत हो गई। ‘मोडीफाई’ करवाई गई बस में इस्तेमाल किया गया फाइबर अत्यंत ज्वलनशील होने के कारण तेजी से आग फैल गई और उसका मेन डोर भी लॉक हो जाने के कारण यह दुर्घटना हुई।

* 22 अक्तूबर को ‘लखीमपुर खीरी’ (उत्तर प्रदेश) के ‘मैगलगंज’ इलाके में ‘दिल्ली’ से ‘सीतापुर’ जा रही एक स्लीपर बस में अचानक आग लग जाने से बस तथा उसमें रखा यात्रियों का सारा सामान जल कर राख हो गया। चूंकि दुर्घटना के समय यात्री बस को रुकवा कर एक ढाबे पर खाना खा रहे थे इसलिए कोई प्राणहानि नहीं हुई।
* 24 अक्तूबर को ‘कुर्नूल’ (आंध्र प्रदेश) में एक मोटरसाइकिल से टकराने के बाद ‘बेंगलुरू’ जा रही एक बस में आग लग जाने के कारण 20 यात्रियों की मृत्यु हो गई तथा अनेक बुरी तरह झुलस गए।
* 26 अक्तूबर को ही ‘लखनऊ’ में ‘आगरा एक्सप्रैस वे’ पर एक प्राइवेट ए.सी. बस की वायरिंग में गड़बड़ी के कारण शार्ट सर्किट से आग लग जाने से वह कुछ ही मिनटों में आग का गोला बन गई। आग इतनी भयंकर थी कि धुएं का गुबार 2 किलोमीटर दूर से भी दिखाई दे रहा था। 
*  और अब 28 अक्तूबर को ‘रायसेन’ (मध्य प्रदेश) मेंं एक तेज रफ्तार कार में नैशनल हाईवे पर एक बछड़े से टकराने के बाद आग लग गई। 

*  28 अक्तूबर को ही ‘दिल्ली’ हवाई अड्डे के टर्मिनल-3 पर खड़ी ‘एयर इंडिया एस.टी.एस. एयरपोर्ट सॢवसेज प्रा.लि.’ द्वारा यात्रियों को विमान तक ले जाने वाली बस में आग लग गई परन्तु उस समय बस खाली होने के कारण कोई प्राण हानि नहीं हुई। 
* 28 अक्तूबर को ही ‘जौनपुर’ (उत्तर प्रदेश) के ‘गहलाई’ गांव के निकट विवाह समारोह से लौट रही कार में अचानक आग लग जाने के कारण वह बुरी तरह जल गई परन्तु सौभाग्यवश कार से बाहर निकल आने के कारण उसमें सवार 2 महिलाओं सहित 5 लोग बाल-बाल बच गए।
* 28 अक्तूबर को ही ‘जयपुर’ (राजस्थान) में ‘मनोहरपुर’ इलाके में मजदूरों से भरी एक बस 11000 वोल्ट की बिजली की तारों की चपेट में आ गई और इसमें आग लग जाने से कम से कम 2 मजदूरों की मृत्यु तथा अनेक घायल हो गए। 
ऐसी घटनाओं के पीछे जहां बसों और कारों में की गई वायरिंग  के फाल्ट जिम्मेदार हैं, वहीं ए.सी. का सही रखाव न करना, प्रतिबंधित ज्वलनशील पदार्थ साथ लेकर चलना और प्रशासन द्वारा ट्रांसपोर्टरों की बसों के सुरक्षा मानकों की जांच न करना भी आग लगने का कारण बन रहा है। 
लिहाजा जहां ट्रांसपोर्टरों को समय-समय पर न केवल अपने वाहनों की जांच करनी चाहिए बल्कि ट्रांसपोर्ट विभाग को भी सुरक्षा मानक सख्ती से लागू करने चाहिएं ताकि इस तरह की घटनाओं से होने वाली प्राण हानि से बचा जा सके।—विजय कुमार

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