यह है अमीरों का अमरीका यहां रोज चलती हैं गोलियां, होती हैं मौतें

Edited By Updated: 29 Mar, 2023 03:45 AM

this is the america of the rich here bullets are fired daily there are deaths

अमरीका में गोलीबारी और हिंसा की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं और देश के सभी राज्य इसकी चपेट में आए हुए हैं। स्थिति की गंभीरता का अनुमान इसी से लगाया जा सकता है कि इसी वर्ष फरवरी से अब तक देश में गोलीबारी की 6 दर्जन से अधिक घटनाएं हो चुकी हैं।

अमरीका में गोलीबारी और हिंसा की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं और देश के सभी राज्य इसकी चपेट में आए हुए हैं। स्थिति की गंभीरता का अनुमान इसी से लगाया जा सकता है कि इसी वर्ष फरवरी से अब तक देश में गोलीबारी की 6 दर्जन से अधिक घटनाएं हो चुकी हैं।
पिछले 8 दिनों के चंद उदाहरण निम्न में दिए जा रहे हैं : 

* 20 मार्च को मिलवाउकी में गोलीबारी की घटना में 1 किशोर की मृत्यु तथा 5 महिलाएं घायल हो गईं।
* 21 मार्च को अर्लिगटन, टैक्सास स्थित ‘लामर हाई स्कूल’ में नाबालिग ने गोली चला कर 1 छात्र की हत्या व 1 अन्य को घायल कर दिया।
* 21 मार्च को ही साऊथ कैरोलिना में एक पूर्व सैनिक ने 3  बच्चों तथा 1 सैनिक की हत्या करने के बाद खुद को भी गोली मार ली।
* 23 मार्च को वैस्ट बाल्टीमोर में गोलीबारी की एक घटना में 1 व्यक्ति की मृत्यु तथा 5 अन्य घायल हो गए।
* 26 मार्च को कैलिफोर्निया की सैक्रामैंटो काऊंटी में ‘गुरुद्वारा सैक्रामैंटो सिख सोसायटी’ के नगर कीर्तन में गोलीबारी में 2 लोग घायल हो गए। 

* 26 मार्च को ही अर्कन्सास राज्य में गोलीबारी की घटना में 5 लोगों को गोली मारी गई, जिनमें से 2 लोगों की मौत हो गई। 
* 27 मार्च को नैशविले शहर स्थित एक निजी कॉन्वैंट स्कूल में 1 युवती ने गोलीबारी करके 3 छात्रों समेत 7 लोगों को मार डाला। 

स्वयं को सभ्य और लोकतांत्रिक कहने वाले अमरीका में बढ़ रही ‘बंदूक संस्कृति’ के साथ-साथ लोगों में बढ़ रही असहिष्णुता और आसानी से हथियारों की उपलब्धता का दुष्परिणाम दुखद घटनाओं के रूप में निकल रहा है। यदि लोकतांत्रिक देशों में ऐसा होगा तो फिर लोकतांत्रिक और निरंकुश शासन वाले देशों में अंतर ही क्या रह जाएगा! 

लगातार ऐसे मामले सामने आने के दृष्टिगत राष्ट्रपति जो बाइडेन ने एक आदेश में कहा है कि हथियारों की बिक्री से पहले इन्हें खरीदने वाले की पृष्ठïभूमि की अच्छी तरह से जांच की जाए। लगभग 53 प्रतिशत अमरीकी देश में हथियारों पर प्रतिबंध के कठोर कानूनों के पक्ष में हैं, फिर भी कोई महत्वपूर्ण कानून पारित नहीं किया जा सका। अत: जब तक ऐसा नहीं होगा तब तक वहां गोलीबारी होती ही रहेगी और लोग इसी तरह मरते रहेंगे।—विजय कुमार 

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