सुखपाल खैहरा की जत्थेदार से अपील, स्पीकर संधवां को श्री अकाल तख्त किया जाए तलब

Edited By Updated: 11 Jan, 2026 12:25 PM

sukhpal khaira appeals to the jathedar

भुलत्थ से कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैहरा ने आज श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार से मजबूत और गंभीर अपील करते हुए कहा।

भुलत्थ (राजिंदर) : भुलत्थ से कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैहरा ने आज श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार से मजबूत और गंभीर अपील करते हुए कहा कि पंजाब में आम आदमी पार्टी की लीडरशिप द्वारा आस्था, भरोसे और न्याय के साथ किए गए धोखे पर तुरंत कार्रवाई की जाए। खैहरा ने जत्थेदार साहिब से अपील की कि पंजाब विधानसभा स्पीकर कुलतार सिंह संधवां को तलब किया जाए, जिन्होंने पद संभालने के बाद श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के सामने शपथ ली थी और लोगों को भरोसा दिलाया था कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी और बहबल कलां पुलिस फायरिंग की घटना के मामलों में डेढ़ महीने के अंदर न्याय होगा, नहीं तो वह खुद को अमर गुरु और उनकी आखिरी “सरकार” को समर्पित कर देंगे। खैहरा ने कहा कि तीन साल से ज़्यादा समय बीत जाने के बावजूद न तो न्याय हुआ है और न ही स्पीकर ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के सामने ली गई अपनी पवित्र शपथ पूरी की है। यह गुरु साहिब के सामने झूठी कसम खाने जैसा है, जो एक बहुत ही गंभीर धार्मिक मामला है और श्री अकाल तख्त साहिब के लिए इसकी जांच करना जरूरी है।

खैहरा ने यह भी मांग की कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को भी बेअदबी व बहबल कलां मामलों में उनकी लगातार अस्पष्ट चुप्पी व देरी के लिए सवालों के घेरे में लाया जाए। उन्होंने बताया कि डेरा सच्चा सौदा के भक्त प्रदीप कलेर ने कोर्ट में साफ तौर पर कबूल किया है कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की सभी बेअदबियां डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह के इशारे पर की गई थीं। खैहरा ने कहा कि कोर्ट के इस कबूलनामे के बावजूद, आम आदमी पार्टी सरकार ने राम रहीम को एक बार भी पूछताछ के लिए तलब करने की हिम्मत नहीं की। यह जानबूझकर की गई देरी मान सरकार के इरादों, ईमानदारी और नैतिक भरोसे पर गंभीर सवाल खड़े करती है। उन्होंने कहा कि स्पीकर और मुख्यमंत्री दोनों का रवैया दुनिया भर के सिखों को गुमराह करने जैसा है, जो संस्थाओं में विश्वास को हिलाता है और श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी और सिख पंथ के साथ एक ऐतिहासिक धोखा है।

खैहरा ने आम आदमी पार्टी के नेशनल कन्वीनर अरविंद केजरीवाल को खुली चुनौती दी कि वे 2022 के पंजाब असेंबली इलेक्शन से पहले किए गए अपने बड़े ऐलानों पर सफाई दें। उस दौरान केजरीवाल ने बेअदबी के मामलों में 24 घंटे के अंदर इंसाफ की गारंटी दी थी। आज, जब इतने साल सत्ता में रहने के बाद भी इंसाफ नहीं मिला, तो वे इस बारे में क्या कहना चाहते हैं?” उन्होंने 2017 के मौड़ बम ब्लास्ट पर भी जवाब मांगा, जिसके पीड़ित परिवारों को आम आदमी पार्टी के नेताओं ने बार-बार इंसाफ का भरोसा दिलाया था, लेकिन आज तक कोई ठोस नतीजा नहीं निकला है।

 

शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी  और सिख धार्मिक संस्थाओं से अपील करते हुए खैहरा ने कहा कि इन मुद्दों पर चुप्पी बनाए रखने से उन ताकतों को और हिम्मत मिलेगी जिन्होंने सियासी फायदे के लिए सिख भावनाओं को हलका समझा है। खैहरा ने आगे कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब सिखों की सबसे बड़ी अथॉरिटी है। कोई भी लीडर जो गुरु साहिब के सामने झूठी कसम खाता है या पॉलिटिकल फायदे के लिए सिख भावनाओं से खेलता है, उसे जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। सिख पंथ धोखे व देरी नहीं, सच, इंसाफ और नैतिक स्पष्टता की हकदार है।

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