कोविड वैक्सीन पर भिड़े अमेरिका-जर्मनी ! RFK जूनियर के दावे पर भड़का बर्लिन, US स्वास्थ्य मंत्री को दिखाया आईना

Edited By Updated: 11 Jan, 2026 07:57 PM

germany sharply rejects rfk jr  s claims that it prosecutes doctors for vaccine

जर्मनी ने अमेरिकी स्वास्थ्य मंत्री रॉबर्ट एफ. कैनेडी जूनियर के उस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि कोविड काल में वैक्सीन छूट देने वाले डॉक्टरों पर जर्मनी मुकदमे चला रहा है। जर्मनी ने इसे पूरी तरह झूठा बताया।

International Desk: जर्मनी की सरकार ने अमेरिकी स्वास्थ्य मंत्री रॉबर्ट एफ. कैनेडी जूनियर के उन आरोपों को सख्ती से खारिज कर दिया है, जिनमें उन्होंने दावा किया था कि जर्मनी कोविड-19 महामारी के दौरान वैक्सीन या मास्क से छूट देने वाले डॉक्टरों और मरीजों पर मुकदमे चला रहा है। जर्मनी की स्वास्थ्य मंत्री नीना वार्कन ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अमेरिकी मंत्री के बयान “पूरी तरह बेबुनियाद, तथ्यात्मक रूप से गलत और अस्वीकार्य” हैं। दरअसल, RFK जूनियर ने एक वीडियो संदेश में कहा था कि उन्होंने जर्मन स्वास्थ्य मंत्री को पत्र लिखकर चिंता जताई है कि जर्मनी में हजारों डॉक्टरों और उनके मरीजों को वैक्सीन या मास्क छूट देने के कारण कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जर्मन सरकार मरीजों की स्वतंत्र चिकित्सा पसंद को सीमित कर रही है।

 

हालांकि, वार्कन ने इन दावों को नकारते हुए कहा कि कोरोना महामारी के दौरान जर्मनी में डॉक्टरों पर कोविड वैक्सीन देने की कोई बाध्यता नहीं थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो डॉक्टर मेडिकल, नैतिक या निजी कारणों से टीकाकरण नहीं करना चाहते थे, उनके खिलाफ न तो मुकदमा चला और न ही किसी तरह का दंड लगाया गया। जर्मन स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी साफ किया कि आपराधिक कार्रवाई केवल धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेजों के मामलों में की गई, जैसे कि नकली वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट या फर्जी मास्क छूट प्रमाणपत्र जारी करना। उन्होंने जोर देकर कहा कि जर्मनी में मरीजों को यह अधिकार है कि वे कौन-सी चिकित्सा या इलाज अपनाना चाहते हैं, इसका फैसला खुद करें।

 

इस विवाद में जर्मनी के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री कार्ल लाउटरबाख भी कूद पड़े। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर सीधे RFK जूनियर को जवाब देते हुए लिखा कि अमेरिकी मंत्री को अपने देश की स्वास्थ्य समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने अमेरिका में कम जीवन प्रत्याशा, अत्यधिक इलाज खर्च, नशीली दवाओं से होने वाली मौतों और हिंसक अपराधों का जिक्र किया। लाउटरबाख ने यह भी कहा कि जर्मनी में डॉक्टरों को सरकार नहीं, बल्कि स्वतंत्र अदालतें कानून के अनुसार देखती हैं। गौरतलब है कि कोविड महामारी के दौरान जर्मनी में बड़ी संख्या में लोगों ने वैक्सीन लगवाई थी, हालांकि एक छोटा वर्ग वैक्सीन विरोधी भी था, जिनके प्रदर्शनों को कभी-कभी अतिवादी दक्षिणपंथी समूहों का समर्थन भी मिला। 
 

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