Edited By Tanuja,Updated: 11 Jan, 2026 05:09 PM

डेली मेल की रिपोर्ट के अनुसार, डोनाल्ड ट्रंप ने कथित तौर पर ग्रीनलैंड पर सैन्य विकल्पों पर चर्चा के लिए विशेष बलों से योजना बनवाने का विचार रखा। लेकिन अमेरिकी शीर्ष सैन्य कमांडरों ने इसे कांग्रेस की मंज़ूरी के बिना अवैध बताते हुए साफ मना कर दिया।
Washington: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नजर इन दिनों ग्रीनलैंड पर टिकी हैं। डेली मेल की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ने कथित तौर पर ग्रीनलैंड पर संभावित सैन्य कार्रवाई की संभावना को टटोलते हुए स्पेशल फोर्सेज से एक आक्रमण योजना तैयार करने पर विचार करने को कहा। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि यह विचार वेनेज़ुएला से जुड़े हालिया अमेरिकी ऑपरेशन के बाद बने आत्मविश्वास भरे माहौल में सामने आया।
हालांकि, इस कथित प्रस्ताव को अमेरिकी शीर्ष सैन्य कमांडरों ने तुरंत और सख्ती से खारिज कर दिया। सैन्य नेतृत्व का कहना था कि कांग्रेस की पूर्व स्वीकृति के बिना किसी भी देश या क्षेत्र के खिलाफ सैन्य कार्रवाई अमेरिकी संविधान के तहत अवैध है। जनरलों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह योजना “न तो गंभीर है और न ही संभव”।रिपोर्ट के अनुसार, पेंटागन के अधिकारियों ने यह भी रेखांकित किया कि ग्रीनलैंड एक रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्र जरूर है, लेकिन वह डेनमार्क के अधीन है और नाटो ढांचे का हिस्सा है। ऐसे में वहां किसी भी तरह की सैन्य कार्रवाई अंतर्राष्ट्रीय कानून, नाटो प्रतिबद्धताओं और अमेरिका-यूरोप संबंधों को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती है।
सूत्रों का दावा है कि सैन्य कमांडरों ने ट्रंप को यह भी बताया कि किसी संप्रभु या सहयोगी क्षेत्र पर हमला न केवल कानूनी जोखिम पैदा करेगा, बल्कि आर्कटिक क्षेत्र में भू-राजनीतिक अस्थिरता को भी बढ़ाएगा। इसी कारण से कथित प्रस्ताव को आगे बढ़ाने से इनकार कर दिया गया। फिलहाल, अमेरिकी रक्षा विभाग (पेंटागन) या व्हाइट हाउस की ओर से इस रिपोर्ट पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। विश्लेषकों का मानना है कि ग्रीनलैंड को लेकर पहले भी ट्रंप के बयानों ने विवाद खड़ा किया था, और यह ताज़ा दावा उसी सिलसिले की एक कड़ी के रूप में देखा जा रहा है।