Edited By jyoti choudhary,Updated: 12 Jan, 2026 11:12 AM

भारतीय शेयर बाजारों में सोमवार, 12 जनवरी को लगातार छठे कारोबारी दिन भारी गिरावट देखने को मिली। कारोबार शुरू होते ही बाजार दबाव में आ गया। सेंसेक्स 400 अंकों से ज्यादा टूट गया, जबकि निफ्टी 25,600 के अहम स्तर से नीचे फिसल गया।
बिजनेस डेस्कः भारतीय शेयर बाजारों में सोमवार, 12 जनवरी को लगातार छठे कारोबारी दिन भारी गिरावट देखने को मिली। कारोबार शुरू होते ही बाजार दबाव में आ गया। सेंसेक्स 400 अंकों से ज्यादा टूट गया, जबकि निफ्टी 25,600 के अहम स्तर से नीचे फिसल गया।
करीब 11:02 बजे तक बीएसई सेंसेक्स -489.96 अंक या 0.59% गिरकर 83,086.28 पर कारोबार कर रहा था। वहीं निफ्टी 139.40 अंक या 0.54% टूटकर 25,543.90 के स्तर पर पहुंच गया।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी तेज बिकवाली देखने को मिली। सभी सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में कारोबार कर रहे थे, जिससे बाजार का सेंटिमेंट पूरी तरह कमजोर नजर आया।
शेयर बाजार में गिरावट के 5 बड़े कारण
1. विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की बिकवाली ने बाजार पर जबरदस्त दबाव बनाया है। 9 जनवरी को FIIs ने करीब ₹3,769 करोड़ की बिकवाली की। जनवरी में अब तक वे कुल ₹12,189 करोड़ से ज्यादा की शुद्ध निकासी कर चुके हैं।
2. US फेड चेयरमैन के खिलाफ आपराधिक जांच
अमेरिकी फेडरल रिजर्व के चेयरमैन जेरोम पॉवेल ने उनके खिलाफ आपराधिक जांच शुरू होने की जानकारी दी। इस खबर के बाद अमेरिकी बाजारों में हड़कंप मच गया।
- नैस्डेक फ्यूचर्स करीब 200 अंक तक टूट गया।
- इसका सीधा असर भारतीय बाजारों पर भी पड़ा।
3. अमेरिका-भारत ट्रेड डील को लेकर अनिश्चितता
भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील को लेकर स्थिति साफ नहीं होने से निवेशक सतर्क नजर आए।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के डॉ. वीके विजयकुमार के मुताबिक, अमेरिका की ओर से आ रहे विरोधाभासी बयानों ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। साथ ही ईरान संकट, वेनेजुएला मुद्दा और ट्रंप के बयानों जैसी भूराजनीतिक घटनाएं भी बाजार पर भारी पड़ीं।
4. कच्चे तेल की कीमतों में तेजी
अमेरिका-ईरान तनाव के बीच ब्रेंट क्रूड की कीमतें 0.26% बढ़कर 63.49 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गईं। जिससे शेयर मार्केट के लिए सेंटिमेंट और खराब हो गया। भारत क्रूड ऑयल के बड़े खरीदार देशों में से एक है। क्रूड के महंगे होने से देश के इंपोर्ट बिल में इजाफा होता है और महंगाई के मोर्चे पर भी दबाव दिखता है।
5. इंडिया VIX में उछाल
- निवेशकों की घबराहट दिखाने वाला India VIX
- करीब 8.5% उछलकर 11.94 पर पहुंच गया।
VIX में तेजी का मतलब है कि निवेशक आगे तेज उतार-चढ़ाव की आशंका जता रहे हैं और जोखिम लेने से बच रहे हैं।