अमरीकी साम्राज्यवाद का नया युग

Edited By Updated: 21 Jan, 2026 05:23 AM

a new era of american imperialism

अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को वेनेजुएला में उनके कार्यों, अंतर्राष्ट्रीय कानून के उल्लंघन, लंबे समय से चले आ रहे मानदंडों की अवहेलना और अन्य देशों, विशेष रूप से डेनमार्क और कनाडा जैसे सहयोगियों के खिलाफ धमकियों के लिए आलोचनाओं का सामना करना...

अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को वेनेजुएला में उनके कार्यों, अंतर्राष्ट्रीय कानून के उल्लंघन, लंबे समय से चले आ रहे मानदंडों की अवहेलना और अन्य देशों, विशेष रूप से डेनमार्क और कनाडा जैसे सहयोगियों के खिलाफ धमकियों के लिए आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है। दुनिया भर में अनिश्चितता और आशंका का माहौल छाया हुआ है। परिणाम न तो अमरीका के लिए और न ही शेष विश्व के लिए अच्छे होंगे। हमें अभी भी अमरीकी राष्ट्रपति ड्वाइट आइजनहावर की द्वितीय विश्व युद्ध से उभरे औद्योगिक-सैन्य परिसर के बारे में विदाई चेतावनी याद है। यह अपरिहार्य था कि जिस देश का सैन्य खर्च बाकी दुनिया के संयुक्त सैन्य खर्च के बराबर हो, वह अंतत: अपने हथियारों का इस्तेमाल दूसरों पर प्रभुत्व स्थापित करने के लिए करेगा।

राजनीति में आने के बाद से (और शायद उससे पहले भी) उन्होंने खुद को कानून से ऊपर समझा और दावा किया है कि न्यूयॉर्क के फिफ्थ एवेन्यू पर किसी को गोली मारने पर भी उन्हें वोट का नुकसान नहीं होगा। 6 जनवरी, 2021 को अमरीकी कैपिटोल में हुए विद्रोह, जिसकी वर्षगांठ हमने अभी-अभी मनाई है, ने साबित कर दिया कि वह सही थे। 2024 के चुनाव ने रिपब्लिकन पार्टी पर ट्रम्प की पकड़ को और मजबूत कर दिया, जिससे यह सुनिश्चित हो गया कि पार्टी उन्हें जवाबदेह ठहराने के लिए कुछ नहीं करेगी।

वेनेजुएला के तानाशाह निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी स्पष्ट रूप से गैरकानूनी और असंवैधानिक थी। सैन्य हस्तक्षेप होने के नाते, इसके लिए कांग्रेस की मंजूरी आवश्यक थी, भले ही यह सूचना न भी हो। और भले ही इसे ‘कानून प्रवर्तन’ का मामला मान लिया जाए, अंतर्राष्ट्रीय कानून के अनुसार ऐसे मामलों में प्रत्यर्पण अनिवार्य है। कोई भी देश दूसरे देश की संप्रभुता का उल्लंघन नहीं कर सकता या विदेशी नागरिकों, विशेष रूप से राष्ट्राध्यक्षों, को उनके देश से अगवा नहीं कर सकता। इसराईल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और अन्य लोगों पर युद्ध अपराधों के आरोप लगे हैं लेकिन किसी ने भी उन्हें कहीं भी पकडऩे के लिए सेना तैनात करने का प्रस्ताव नहीं रखा।

ट्रम्प की बाद की टिप्पणियां और भी अधिक बेशर्मी भरी हैं। उनका दावा है कि उनका प्रशासन वेनेजुएला को ‘नियंत्रित’ करेगा और उसका तेल छीन लेगा, जिसका अर्थ है कि देश को उच्चतम बोली लगाने वाले को भी तेल बेचने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इन इरादों को देखते हुए ऐसा प्रतीत होता है कि साम्राज्यवाद का एक नया युग शुरू हो चुका है। ‘जिसकी लाठी उसकी भैंस’ और बाकी कुछ मायने नहीं रखता। और उन रिपब्लिकनों की ओर से कोई खास विरोध नहीं हुआ, जो कभी गर्व से अमरीकी ‘मूल्यों’ का बखान करते थे। कई टीकाकारों ने वैश्विक शांति और स्थिरता पर इसके प्रभावों पर पहले ही चर्चा कर ली है। यदि अमरीका पश्चिमी गोलार्ध को अपना प्रभाव क्षेत्र घोषित करता है (डॉनरो सिद्धांत) और चीन को वेनेजुएला के तेल तक पहुंचने से रोकता है, तो चीन पूर्वी एशिया पर दावा क्यों न करे और अमरीका को ताइवान के तेल तक पहुंचने से क्यों न रोके? ऐसा करने के लिए उसे ताइवान पर शासन करने की आवश्यकता नहीं होगी, बल्कि केवल उसकी नीतियों को नियंत्रित करना होगा।

ट्रम्प का साम्राज्यवाद, जिसमें कोई सुसंगत विचारधारा नहीं है, खुले तौर पर सिद्धांतहीन है-यह केवल लालच और सत्ता की भूख की अभिव्यक्ति है। यह अमरीकी समाज के सबसे लालची और कपटी लोगों को आकॢषत करेगा। ऐसे लोग धन का सृजन नहीं करते। वे अपनी ऊर्जा को लाभ कमाने में लगाते हैं-बाजार शक्ति, छल या सीधे शोषण के माध्यम से दूसरों को लूटते हैं। समृद्धि के लिए कानून का शासन आवश्यक है। इसके बिना अनिश्चितता का साया बना रहता है। क्या सरकार मेरी संपत्ति जब्त कर लेगी? क्या अधिकारी किसी छोटी-मोटी गलती को नजरअंदाज करने के लिए रिश्वत मांगेंगे? क्या अर्थव्यवस्था में सभी के लिए समान अवसर होंगे, या सत्ता में बैठे लोग हमेशा अपने चहेतों को ही तरजीह देंगे?

लॉर्ड एक्टन ने कहा था, ‘सत्ता भ्रष्ट करती है और निरंकुश सत्ता पूर्णत: भ्रष्ट करती है।’ लेकिन ट्रम्प ने यह साबित कर दिया है कि अभूतपूर्व भ्रष्टाचार में लिप्त होने के लिए निरंकुश सत्ता की आवश्यकता नहीं होती। उम्मीद है कि हम ‘ट्रम्प शासन के चरम’ पर पहुंच चुके हैं और 2026 और 2028 के चुनावों के साथ इस कुशासन का भयावह दौर समाप्त हो जाएगा। लेकिन यूरोप, चीन और बाकी दुनिया सिर्फ उम्मीद के भरोसे नहीं रह सकती। उन्हें ऐसी आकस्मिक योजनाएं बनानी चाहिएं, जो इस बात को समझें कि दुनिया को अमरीका की जरूरत नहीं है।-जोसेफ ई. स्टिग्लिट्ज

Related Story

    Trending Topics

    IPL
    Royal Challengers Bengaluru

    190/9

    20.0

    Punjab Kings

    184/7

    20.0

    Royal Challengers Bengaluru win by 6 runs

    RR 9.50
    img title
    img title

    Be on the top of everything happening around the world.

    Try Premium Service.

    Subscribe Now!