सावधान! आपका स्मार्ट टी.वी. कहीं आपके अंतरंग पलों में ताका-झांकी तो नहीं कर रहा

Edited By Updated: 14 Jul, 2019 04:08 AM

careful your smart tv somewhere in your intimate moments do not panic

राजेश कुमार (बदला हुआ नाम)  को अपने बैडरूम में स्मार्ट टी.वी. पर पोर्न देखने की आदत थी और वह आमतौर पर वयस्कों के लिए बनी वैबसाइट्स देखता था। यद्यपि हाल ही में इस विवाहित व्यक्ति को अपने जीवन का सबसे बड़ा झटका तब लगा जब उसने अपनी पत्नी के साथ सांझा...

राजेश कुमार (बदला हुआ नाम) को अपने बैडरूम में स्मार्ट टी.वी. पर पोर्न देखने की आदत थी और वह आमतौर पर वयस्कों के लिए बनी वैबसाइट्स देखता था। यद्यपि हाल ही में इस विवाहित व्यक्ति को अपने जीवन का सबसे बड़ा झटका तब लगा जब उसने अपनी पत्नी के साथ सांझा किए अंतरंग पलों को ऐसी ही एक वैबसाइट पर देखा। 

जिन साइबर सिक्योरिटी विशेषज्ञों के साथ राजेश ने सम्पर्क किया, उन्होंने अंतत: पाया कि उनके कमरे में लगा स्मार्ट टी.वी. हैक कर लिया गया था और उसके कैमरे की कार्यप्रणाली को फुटेज लेने के लिए दूर से (रिमोटली) इस्तेमाल किया गया था और वह भी राजेश को पता चले बिना। सूरत के एक पॉश इलाके में रहने वाला राजेश पोर्न साइट पर अपना तथा अपनी पत्नी का वीडियो देखने पर न केवल भौंचक्का रह गया बल्कि अत्यंत व्यथित भी हो गया। सार्वजनिक शॄमदगी के डर से उसने पुलिस के साथ सम्पर्क नहीं किया लेकिन इसकी बजाय कुछ ऐसे साइबर सिक्योरिटी विशेषज्ञों से सम्पर्क किया, जिन्हें यह जांच करने के लिए कि ऐसा क्यों हुआ, ऐसे उच्च तकनीक अपराधों की जानकारी थी। 

एक रिपोर्ट के अनुसार विशेषज्ञों ने राजेश के कमरे में जांच की लेकिन उन्हें वहां कोई छुपाया हुआ कैमरा नहीं मिला। काफी समय तक वे चकराए हुए रहे कि कैसे इस वीडियो को रिकार्ड तथा ऑनलाइन अपलोड किया गया, फिर उनकी नजर कमरे में लगे स्मार्ट टी.वी. पर पड़ी। इसके बाद की गई जांचों में खुलासा हुआ कि चूंकि राजेश पोर्न साइट्स देखता था, ऐसी ही एक साइट पर हैकर ने सम्भवत: उसके टी.वी. को हैक कर लिया होगा, ठीक वैसे ही जैसे कम्प्यूटर को और लाइव फीड रिकार्ड करने के लिए दूर बैठे ही उसके इनबिल्ट कैमरे का इस्तेमाल किया। 

चूंकि टी.वी. वाई-फाई से लैस था, इसलिए रिकार्ड किए गए वीडियो को भी ऑनलाइन अपलोड कर दिया गया था। तब राजेश ने रिकार्ड किए गए वीडियो को हटाने के लिए साइबर सिक्योरिटी विशेषज्ञों की मदद ली लेकिन यह घटनाक्रम एक बड़ा प्रश्र खड़ा कर देता है कि नए युग की तकनीक किस हद तक हमारे निजी स्थानों में घुसपैठ कर सकती है? बहुत से निर्माता अपने टी.वी. सैटों को सुरक्षा फीचर्स से लैस करते हैं लेकिन ये भेद्य दिखाई देते हैं क्योंकि हैकर्स को ऐसे मामलों में बढ़त प्राप्त होती है। एक ऐसे दिन अथवा समय में जब सरकारी वैबसाइट्स, बैंकों तथा अन्य संवेदनशील स्थानों की उच्च तकनीक सुरक्षा प्रणालियां भी सुरक्षित नहीं हैं, कैमरों के साथ आते कमर्शियल टी.वी. दरअसल हैक करने बहुत ही आसान हैं।-एन. त्रिवेदी

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