Edited By jyoti choudhary,Updated: 02 Jan, 2026 05:18 PM

सरकार एलपीजी सब्सिडी के कैल्कुलेशन में बड़ा बदलाव कर सकती है। अब तक सब्सिडी की गणना मुख्य रूप से सऊदी अरब से आने वाली एलपीजी की कीमत के आधार पर होती थी लेकिन हाल में सरकारी तेल कंपनियों ने अमेरिका से एलपीजी सप्लाई के लिए कॉन्ट्रैक्ट किया है। ऐसे में...
बिजनेस डेस्कः सरकार एलपीजी सब्सिडी के कैल्कुलेशन में बड़ा बदलाव कर सकती है। अब तक सब्सिडी की गणना मुख्य रूप से सऊदी अरब से आने वाली एलपीजी की कीमत के आधार पर होती थी लेकिन हाल में सरकारी तेल कंपनियों ने अमेरिका से एलपीजी सप्लाई के लिए कॉन्ट्रैक्ट किया है। ऐसे में अब अमेरिका के बेंचमार्क प्राइस और अटलांटिक महासागर पार से आने वाले भारी फ्रेट की लागत को भी सब्सिडी फॉर्मूले में शामिल करने की संभावना है। इस बीच देश में बड़ी संख्या में लोगों ने एलपीजी सब्सिडी छोड़ी है।
सब्सिडी छोड़ने वालों की संख्या में बढ़ोतरी
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार 2021 से 2025 के बीच 5.6 करोड़ से अधिक उपभोक्ताओं ने एलपीजी सब्सिडी छोड़ दी। इनमें बड़े और अमीर राज्यों के लोग सबसे आगे रहे। महाराष्ट्र में 94.6 लाख, उत्तर प्रदेश में 69.2 लाख और दिल्ली में 44.8 लाख लोगों ने सब्सिडी से दूरी बनाई। इसके बाद कर्नाटक, राजस्थान, तमिलनाडु, गुजरात, मध्य प्रदेश, पंजाब और बिहार का नंबर है।
LPG कीमत और उज्ज्वला योजना
दिल्ली में 14.2 किलो वाले घरेलू सिलेंडर की कीमत वर्तमान में 853 रुपए है, जिसमें उज्ज्वला योजना के तहत 9 सिलेंडर तक प्रति सिलेंडर 300 रुपए की सब्सिडी मिलती है। वहीं, सरकारी तेल कंपनियों ने हाल ही में 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत बढ़ाई है। कंपनियां हर महीने की पहली तारीख को फ्यूल की कीमतों की समीक्षा करती हैं।