Edited By jyoti choudhary,Updated: 13 Jun, 2026 02:59 PM

खाद्य नियामक भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने सभी फूड बिजनेस ऑपरेटर्स (FBOs) के लिए नई गाइडलाइन जारी की है। ऑपरेटर्स को निर्देश दिए गए हैं कि वे खाने-पीने की वस्तुओं और पार्सल की पैकेजिंग के लिए धातु के पिन और तार का इस्तेमाल...
बिजनेस डेस्कः खाद्य नियामक भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने सभी फूड बिजनेस ऑपरेटर्स (FBOs) के लिए नई गाइडलाइन जारी की है। ऑपरेटर्स को निर्देश दिए गए हैं कि वे खाने-पीने की वस्तुओं और पार्सल की पैकेजिंग के लिए धातु के पिन और तार का इस्तेमाल तुरंत बंद कर दें, क्योंकि इससे ग्राहकों की सेहत पर बुरा असर पड़ सकता है।
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हो सकती है दंडात्मक कार्रवाई
जन स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा के हित में जारी एक सलाह में, FSSAI ने खाद्य व्यवसाय परिचालकों को चेतावनी दी कि अगर वे इस निर्देश का पालन नहीं करते हैं तो उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। नियामक ने कहा, ''एफएसएसएआई के ध्यान में आया है कि एफबीओ सजावटी केक और ऐसे ही दूसरे उत्पाद बनाने और खाने के पैकेट, केक बॉक्स, मिठाई के डिब्बे, स्नैक पाउच, टेकअवे खाद्य पार्सल और खाने-पीने की दूसरी पैकेजिंग को बंद करने या जोड़ने के लिए धातु या स्टेपल पिन और तार का इस्तेमाल कर रहे हैं।''
FSSAI ने क्यों लगाई रोक
ऐसे कई मामले सामने आए हैं जिनमें केक और खाने के पैकेट में धातु या स्टेपल पिन धंसी हुई या जुड़ी हुई पाई गई हैं। एफएसएसएआई ने कहा कि इससे 'खाद्य सुरक्षा का गंभीर खतरा' पैदा होता है। नियामक ने कहा कि इस बात का काफी खतरा है कि ग्राहक अनजाने में ऐसी पिन खा सकते हैं। इससे नुकसान हो सकता है और सेहत पर बुरा असर पड़ सकता है।
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सलाह में कहा गया है, ''सभी एफबीओ को निर्देश दिया जाता है कि वे किसी भी खाद्य पदार्थ, खाद्य पार्सल, टेकअवे मील, बेकरी उत्पाद, केक बॉक्स, मिठाई के डिब्बे, स्नैक पैकेट या किसी भी अन्य खाद्य पदार्थ या पैकेज को सील करने, जोड़ने, सुरक्षित करने या पैकेजिंग करने के लिए धातु पिन अथवा तार या ऐसी ही किसी अन्य सामग्री का इस्तेमाल तुरंत बंद कर दें।''
एफएसएसएआई ने चेतावनी दी कि अगर एफबीओ इस निर्देश का पालन नहीं करते हैं, तो एफएसएस कानून, 2006 और लागू नियमों के प्रावधानों के अनुसार उचित दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।