Gold Price Alert: रिकॉर्ड हाई से 25% क्रैश हो चुका है गोल्ड, कीमतों में आ सकती है बड़ी गिरावट

Edited By Updated: 13 Jun, 2026 01:37 PM

gold has crashed 25 from its record high prices could see a sharp decline

सोने की कीमतों में अंतरराष्ट्रीय बाजार में दबाव बना हुआ है और विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में सोने की कीमतों में गिरावट जारी रह सकती है। इस साल सोना जनवरी में 5,595 डॉलर प्रति औंस की रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया था लेकिन उसके बाद

बिजनेस डेस्कः सोने की कीमतों में अंतरराष्ट्रीय बाजार में दबाव बना हुआ है और विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में सोने की कीमतों में गिरावट जारी रह सकती है। इस साल सोना जनवरी में 5,595 डॉलर प्रति औंस की रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया था लेकिन उसके बाद कीमतों में लगातार गिरावट आई है। रिकॉर्ड ऊंचाई से सोना करीब 25 फीसदी क्रैश हो चुका है। ऐसे में उन निवेशकों के लिए बड़ा झटका है, जिन्होंने कीमतों में तेजी जारी रहने की उम्मीद से बड़ा निवेश किया था।

सप्ताह के अंत में गोल्ड में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में हल्की तेजी दिखी लेकिन इस तेजी के जारी रहने की उम्मीद नहीं है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 4222 डॉलर प्रति औंस के आसपास था जबकि मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर यह 1.17 फीसदी चढ़कर 1,50,675 रुपए प्रति 10 ग्राम पर क्लोज हुआ।

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दो कारणों से सोने में दबाव

विशेषज्ञों के अनुसार, फिलहाल दो मुख्य कारण सोने की कीमतों पर दबाव बना रहे हैं। पहला, अमेरिका में फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना और दूसरा डॉलर में मजबूती। इन दोनों की कारणों से गोल्ड पर आगे दबाव बढ़ सकता है। 

कहां तक गिर सकता है सोने का भाव

यूबीएस का कहना है कि गोल्ड में कमजोरी जारी रह सकती है। शॉर्ट टर्म में गोल्ड गिरकर 3,850-4000 डॉलर प्रति औंस तक जा सकता है। अमेरिकी केंद्रीय बैंक के ब्याज दरें बढ़ाने का असर गोल्ड पर पड़ेगा। इंटरेस्ट रेट बढ़ने पर गोल्ड की चमक घट जाती है।

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मीडिल ईस्ट में जारी तनाव की वजह से क्रूड ऑयल की ऊंची कीमतों ने वैश्विक महंगाई की चिंताओं को बढ़ा दिया है। इससे दुनियाभर में पेट्रोल, डीजल और गैस की कीमतें बढ़ी हैं। 

केंद्रीय बैंकों की खरीदारी पर नजरें

एनालिस्ट्स की नजरें केंद्रीय बैंकों की गोल्ड की खरीदारी पर लगी हैं। पिछले कुछ सालों में गोल्ड में आई अप्रत्याशित तेजी में केंद्रीय बैंकों की गोल्ड की खरीदारी का बड़ा हाथ रहा है। यूबीएस का कहना है कि केंद्रीय बैंकों की गोल्ड की खरीदारी 750-1000 टन की रेंज में रह सकती है। उसने यह भी कहा है कि अगर गोल्ड 3,850-4000 डॉलर प्रति औंस की रेंज में आ जाता है तो यह खरीदारी का अच्छा मौका हो सकता है।
 

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