Edited By Parveen Kumar,Updated: 06 Feb, 2026 07:20 PM

उत्तर प्रदेश समेत उत्तर भारत में सर्दी और कोहरे की पकड़ अभी ढीली पड़ती नजर नहीं आ रही है। मौसम विभाग का कहना है कि पहाड़ी इलाकों में सक्रिय दो पश्चिमी विक्षोभों के चलते यूपी के मौसम में लगातार उतार-चढ़ाव बना रहेगा। गुरुवार सुबह भी राज्य के कई जिलों...
नेशनल डेस्क : उत्तर प्रदेश समेत उत्तर भारत में सर्दी और कोहरे की पकड़ अभी ढीली पड़ती नजर नहीं आ रही है। मौसम विभाग का कहना है कि पहाड़ी इलाकों में सक्रिय दो पश्चिमी विक्षोभों के चलते यूपी के मौसम में लगातार उतार-चढ़ाव बना रहेगा। गुरुवार सुबह भी राज्य के कई जिलों में घना कोहरा देखने को मिला, जहां दृश्यता 100 मीटर से नीचे दर्ज की गई। इसका सीधा असर सड़क और रेल यातायात पर पड़ा। पश्चिमी और पूर्वी यूपी में न्यूनतम तापमान 5 से 10 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है, जिससे ठिठुरन और गलन बढ़ गई है।
कल यूपी का मौसम कैसा रहेगा?
मौसम विभाग के मुताबिक 7 फरवरी को भी सुबह के वक्त घना कोहरा छाए रहने की आशंका है। दिन चढ़ने के साथ आसमान साफ हो सकता है, लेकिन 15 से 25 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली ठंडी हवाएं ठंड का एहसास बनाए रखेंगी। अगले चार दिनों तक तापमान में किसी बड़े बदलाव के संकेत नहीं हैं। हालांकि 9 से 11 फरवरी के बीच पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से बादलों की आवाजाही बढ़ सकती है। कोहरे की वजह से स्वास्थ्य समस्याओं और सड़क हादसों का खतरा बढ़ गया है, ऐसे में प्रशासन ने वाहन चालकों को फॉग लाइट का इस्तेमाल करने और सावधानी बरतने की सलाह दी है।
पहाड़ों में फिर बिगड़ेगा मौसम
उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में 9 से 11 फरवरी के बीच बारिश और बर्फबारी का एक और दौर शुरू होने की संभावना है। उत्तराखंड में 7 फरवरी तक और हिमाचल में 8 फरवरी तक सुबह और रात के समय घना कोहरा छाया रह सकता है। पहाड़ों पर होने वाली इस मौसमी गतिविधि का असर मैदानी इलाकों तक पहुंचेगा और ठंडी हवाएं यूपी व दिल्ली-एनसीआर की ओर बढ़ेंगी। वहीं जम्मू-कश्मीर के कुछ हिस्सों में 10 फरवरी को तेज बारिश के साथ बिजली गिरने की भी चेतावनी दी गई है।
हरियाणा, पंजाब और राजस्थान में भी सर्दी का असर
पंजाब और हरियाणा में शीत लहर का प्रकोप जारी है, जहां कई इलाकों में तापमान 0 से 5 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया है। राजस्थान के सीकर में न्यूनतम तापमान 4.5 डिग्री दर्ज किया गया, जो मैदानी क्षेत्रों में सबसे कम माना जा रहा है। ओडिशा और पंजाब के कुछ इलाकों में तो दृश्यता शून्य तक पहुंच गई है। इसके अलावा मौसम विभाग ने खराब मौसम को देखते हुए मछुआरों को बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों में समुद्र में न जाने की सलाह भी दी है।