Edited By jyoti choudhary,Updated: 28 Aug, 2026 12:32 PM

आम लोगों को महंगाई का एक और झटका लगा है। अब दूध खरीदने के लिए ज्यादा पैसे चुकाने होंगे। दूध उत्पादकों ने मुंबई में दूध की कीमतों में 9 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी का ऐलान किया है। इसके बाद उपभोक्ताओं को एक लीटर दूध के लिए 93 रुपए की जगह
मुंबईः आम लोगों को महंगाई का एक और झटका लगा है। अब दूध खरीदने के लिए ज्यादा पैसे चुकाने होंगे। दूध उत्पादकों ने मुंबई में दूध की कीमतों में 9 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी का ऐलान किया है। इसके बाद उपभोक्ताओं को एक लीटर दूध के लिए 93 रुपए की जगह 102 रुपए देने होंगे।
नई दरें 1 सितंबर 2026 से लागू होकर 28 फरवरी 2027 तक प्रभावी रहेंगी यानी आने वाले त्योहारों और सर्दियों के दौरान मुंबई के लोगों को दूध के लिए बढ़ी हुई कीमत का भुगतान करना पड़ेगा। दूध रोजमर्रा की जरूरत का हिस्सा होने के कारण इस बढ़ोतरी का सीधा असर परिवारों के मासिक बजट पर पड़ सकता है।
त्योहारी मौसम में दूध की खपत आम तौर पर बढ़ जाती है। ऐसे में कीमतों में यह वृद्धि घरों के साथ-साथ मिठाई और डेयरी उत्पादों की लागत पर भी असर डाल सकती है।
क्यों बढ़ी कीमतें?
दूध के दाम बढ़ाने के पीछे उत्पादन लागत में हुई बढ़ोतरी को प्रमुख कारण बताया गया है। डेयरी पशुओं की कीमतों के साथ उनके चारे और पशु आहार की लागत में भी लगातार वृद्धि हुई है। उत्पादकों के मुताबिक पशु आहार में इस्तेमाल होने वाले अनाज, तूर चुनी और चना चुनी जैसे उत्पादों की कीमतों में करीब 25 फीसदी तक की बढ़ोतरी हुई है। इसके अलावा खली और अन्य जरूरी पशु आहार भी महंगे हुए हैं। इससे पशुओं के पालन-पोषण और दूध उत्पादन की कुल लागत बढ़ गई है।
बढ़ती लागत के बीच कीमत बढ़ाना मजबूरी: उत्पादक
दूध उत्पादकों का कहना है कि पिछले कुछ समय से उत्पादन खर्च लगातार बढ़ रहा था। चारा और अन्य पशु आहार महंगे होने के कारण डेयरी कारोबार की लागत पर दबाव बढ़ गया था। उत्पादकों के अनुसार मौजूदा परिस्थितियों में बढ़ी हुई लागत के साथ कारोबार चलाना मुश्किल हो रहा था। इसी वजह से दूध की कीमत में 9 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी करने का फैसला लिया गया है।
हालांकि, इस फैसले का सीधा असर आम उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ेगा। दूध की कीमत बढ़ने के साथ चाय, मिठाई, दही और अन्य दूध से बनने वाले उत्पादों की लागत में भी बढ़ोतरी की संभावना है।