FSSAI का बड़ा एक्शन, अब एवरेस्ट और लालजी गोधू की हींग पर लगाई रोक, जानिए क्या है कारण

Edited By Updated: 30 Aug, 2026 12:39 AM

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हींग की गुणवत्ता मानकों पर खरी न उतरने के बाद भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने दो प्रमुख मसाला ब्रांडों‘एवरेस्ट फूड प्रोडक्ट्स'और‘लालजी गोधू एंड कंपनी (एलजी)'की‘कंपाउंडेड हींग'(संसाधित हींग) की बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा...

मुंबईः हींग की गुणवत्ता मानकों पर खरी न उतरने के बाद भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने दो प्रमुख मसाला ब्रांडों‘एवरेस्ट फूड प्रोडक्ट्स'और‘लालजी गोधू एंड कंपनी (एलजी)'की‘कंपाउंडेड हींग'(संसाधित हींग) की बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है।

एफएसएसएआई ने‘एक्स'पर इस कार्रवाई की जानकारी देते हुए लिखा, 'खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत दोनों कंपनियों के खिलाफ बिक्री निषेध के आदेश जारी कर दिए गए हैं। हींग की गुणवत्ता को लेकर मिली उपभोक्ता शिकायत के बाद प्राधिकरण ने बाजार में उपलब्ध स्टॉक से लेकर मुंबई-गुजरात स्थित इन कंपनियों के संयंत्रों तक व्यापक जांच अभियान चलाया था। इस दौरान प्रयोगशाला में परीक्षण किये गये दोनों कंपनियों के सभी नमूने घटिया और तय मानकों से काफी नीचे पाये गये। प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट ने हींग के निर्माण में हो रही भारी हेराफेरी का पर्दाफाश किया है।

खाद्य सुरक्षा विनियम 2011 के तहत प्रयोगशाला में हींग की गुणवत्ता और शुद्धता की जांच के दौरान यह देखा जाता है कि कंपाउंडेड हींग का कम से कम पांच प्रतिशत अंक‘अल्कोहल'में घुलनशील है या नहीं। अगर नहीं है तो इसका अर्थ यह है कि उत्पाद में असली कच्ची हींग की पर्याप्त उपस्थिति नहीं है, लेकिन परीक्षण के दौरान इन नमूनों में यह अकर् मात्र 0-3 प्रतिशत ही घुलनशील पाया गया, जिससे स्पष्ट होता है कि निर्माता कंपनियां उत्पाद में तय मानक से 30-40 प्रतिशत तक कम कच्ची हींग का इस्तेमाल कर रही थीं। इसके अतिरिक्त एलजी की मुंबई इकाई से एकत्र की गयी कच्ची हींग की छह अलग-अलग किस्मों के विश्लेषण में भी गंभीर अनियमितता सामने आई।

मानकों के अनुसार कच्ची हींग में स्टार्च की मात्रा अधिकतम एक प्रतिशत से अधिक नहीं होनी चाहिए, जबकि एलजी के नमूनों में 15-32 प्रतिशत तक अत्यधिक स्टार्च पाया गया, जो नियमों का प्रत्यक्ष उल्लंघन है। सार्वजनिक स्वास्थ्य की सुरक्षा और उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए इस दंडात्मक कारर्वाई के साथ ही एफएसएसएआई ने दोनों खाद्य कारोबारियों को कड़े निर्देश दिये हैं। प्राधिकरण ने कंपनियों को बाजार में पहले से मौजूद अपने तमाम घटिया उत्पादों को स्वेच्छा से वापस मंगाने की सलाह दी है। इसके साथ ही दोनों निर्माताओं से एक विस्तृत कार्ययोजना मांगी है, जिसमें उन्हें यह स्पष्ट करना होगा कि वे इन गड़बड़यिों को दूर कर भविष्य में मानक गुणवत्ता वाली हींग का उत्पादन कैसे सुनिश्चित करेंगे।

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