Edited By jyoti choudhary,Updated: 18 Jul, 2026 01:52 PM

निजी क्षेत्र के एक्सिस बैंक को चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में एकल आधार पर 7,114 करोड़ रुपए का शुद्ध लाभ हुआ है जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही से 23 प्रतिशत अधिक है। बैंक ने शनिवार को निदेशक मंडल की बैठक के बाद वित्तीय परिणामों की घोषणा की।...
मुंबईः निजी क्षेत्र के एक्सिस बैंक को चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में एकल आधार पर 7,114 करोड़ रुपए का शुद्ध लाभ हुआ है जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही से 23 प्रतिशत अधिक है। बैंक ने शनिवार को निदेशक मंडल की बैठक के बाद वित्तीय परिणामों की घोषणा की। उसने बताया कि पहली तिमाही में ब्याज से प्राप्त शुद्ध आय आठ प्रतिशत बढ़कर 14,646 करोड़ रुपए पर पहुंच गया। ब्याज से प्राप्त शुद्ध आय ग्राहकों से ऋण पर लिए गए ब्याज और ग्राहकों को जमा राशि पर दिए गए ब्याज का अंतर है।
आलोच्य तिमाही में बैंक का परिचालन लाभ भी पांच फीसदी ऊपर 11,659 करोड़ रुपए पर रहा। बैंक ने तिमाही में कुल 2,223 करोड़ रुपए का प्रावधान किया जिसमें 2,079 करोड़ रुपए का प्रावधान डूबे हुए या जोखिम में फंसे ऋण के लिए किया गया है। इस मद में बैंक का कुल प्रावधान बढ़कर 15.608 करोड़ रुपए हो गया है। एक्सिस बैंक के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमिताभ चौधरी ने कहा कि ग्राहकों की अपेक्षाओं में बदलाव और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) वित्तीय सेवाओं के स्वरूप को तेजी से बदल रही हैं। ऐसे में बैंक विश्वास, नवाचार और बड़े पैमाने पर मजबूती पर फोकस कर रहा है। उन्होंने बताया कि बैंक इन सभी प्राथमिकताओं पर निवेश कर रहा है।
उन्होंने उम्मीद जताई कि इन निवेशों से ग्राहकों, हितधारकों और समाज को लाभ मिल सकेगा। तिमाही के दौरान बैंक के बैलेंसशीट का आकार 20 प्रतिशत बढ़कर 19,21,966 करोड़ रुपए पर पहुंच गया। इसमें बैंक के पास जमा राशि सालाना 18 प्रतिशत की दर से बढ़ी है। चालू खातों में जमा राशि छह प्रतिशत, बचत खातों में 14 प्रतिशत और सावधि जमा में 23 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गयी है। कुल जमा में चालू एवं बचत खातों की हिस्सेदारी 38 प्रतिशत रही। बैंक द्वारा दिये गये ऋण में सालाना 19 प्रतिशत का उछाल आया। यह 30 जून 2026 को 12,61,557 करोड़ रुपए रहा। खुदरा ऋण आठ फीसदी बढ़कर 6,75,546 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। खुदरा ऋण में 26 प्रतिशत होम लोन है। तिमाही में बैंक की परिसंपत्ति की गुणवत्ता में सुधार हुआ है। सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (एनपीए) 30 जून को 1.28 प्रतिशत और शुद्ध एनपीए 0.39 प्रतिशत रहा। एक साल पहले ये क्रमश: 1.57 प्रतिशत और 0.45 प्रतिशत रहे थे।