GST के नियमों पर CBIC के 8 नए सर्कुलर जारी, कारोबारियों को मिलेगी राहत

Edited By Updated: 27 Oct, 2026 06:08 PM

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केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा-शुल्क बोर्ड (CBIC) ने जीएसटी पंजीकरण, कर मांग, अपील और निर्यात भुगतान से जुड़े आठ परिपत्र जारी किए हैं। इनका उद्देश्य कर अनुपालन को आसान बनाना, अधिकारियों के कामकाज में एकरूपता लाना और कारोबारियों को नियमों के बारे...

नई दिल्लीः केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा-शुल्क बोर्ड (CBIC) ने जीएसटी पंजीकरण, कर मांग, अपील और निर्यात भुगतान से जुड़े आठ परिपत्र जारी किए हैं। इनका उद्देश्य कर अनुपालन को आसान बनाना, अधिकारियों के कामकाज में एकरूपता लाना और कारोबारियों को नियमों के बारे में स्पष्ट जानकारी देना है।

26 अक्टूबर को जारी इन दिशानिर्देशों में जीएसटी पंजीकरण के लिए जरूरी दस्तावेजों की सूची के साथ सहमति पत्र, हलफनामे और शपथ पत्र के प्रारूप भी दिए गए हैं। इससे पंजीकरण के दौरान अतिरिक्त दस्तावेजों और स्पष्टीकरण की जरूरत कम होने की उम्मीद है।

करदाताओं को अपना पक्ष रखने का मिलेगा मौका

CBIC ने कर मांग, न्यायनिर्णयन और अपील की प्रक्रिया पर भी दिशा-निर्देश दिए हैं। इनके अनुसार, जहां संभव हो, करदाताओं को कारण बताओ नोटिस जारी करने से पहले अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाना चाहिए। नोटिस में आरोपों और प्रस्तावित कार्रवाई के आधार स्पष्ट होने चाहिए।

बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया कि धोखाधड़ी, जानबूझकर गलत जानकारी देने या तथ्य छिपाने से जुड़े कड़े प्रावधान लागू करने के लिए कर चोरी की मंशा साबित करना जरूरी होगा।

जीएसटी मामलों में AI पर रहेगी मानवीय निगरानी

कर निर्धारण की प्रक्रिया में कृत्रिम मेधा (AI) और अन्य तकनीकी साधनों के इस्तेमाल पर मानवीय निगरानी अनिवार्य की गई है। AI से मिली जानकारी को आदेश में शामिल करने से पहले उसकी स्वतंत्र रूप से सटीकता जांचनी होगी।

निर्यातकों को भी मिलेगी स्पष्टता

निर्यात भुगतान के मामले में RBI के नियमों के तहत विदेशी मुद्रा में अनुमत समायोजन व्यवस्था को मान्यता दी गई है। इससे आयात और निर्यात भुगतान के समायोजन से जुड़े मामलों में स्पष्टता आएगी।

विशेषज्ञों के मुताबिक, इन बदलावों से कारोबारियों को कर विवादों का जोखिम घटाने और नकदी प्रवाह की बेहतर योजना बनाने में मदद मिल सकती है। हालांकि, कुछ कानूनी संशोधनों को लागू करने के लिए संसद की मंजूरी जरूरी होगी।
 

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