Edited By Anu Malhotra,Updated: 24 Oct, 2026 03:08 PM

महाराष्ट्र आतंकवाद निरोधी दस्ते (ATS) ने आतंकवाद के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए मुंबई के माहिम इलाके से 33 वर्षीय एक संदिग्ध को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर प्रतिबंधित आतंकी संगठन 'जैश-ए-मोहम्मद' से जुड़े होने और सोशल मीडिया के जरिए देश विरोधी...
मुंबई : महाराष्ट्र आतंकवाद निरोधी दस्ते (ATS) ने आतंकवाद के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए मुंबई के माहिम इलाके से 33 वर्षीय एक संदिग्ध को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर प्रतिबंधित आतंकी संगठन 'जैश-ए-मोहम्मद' से जुड़े होने और सोशल मीडिया के जरिए देश विरोधी गतिविधियां चलाने का गंभीर आरोप है। ATS की कालाचौकी यूनिट ने एक गुप्त सूचना के आधार पर मोहम्मद हसन अबू सरमद अख्तर को माहिम मेट्रो स्टेशन के पास से पकड़ा।
जांच एजेंसी के अनुसार, आरोपी रैपिडो राइडर और इत्र विक्रेता के तौर पर काम करने की आड़ में ऑनलाइन कट्टरपंथी विचारों का प्रचार कर रहा था। जांचकर्ताओं ने उसके सोशल मीडिया अकाउंट से की गई कई भड़काऊ टिप्पणियों का भी पता लगाया है। इनमें 'जिहाद' का आह्वान, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में आपत्तिजनक बातें और मुसलमानों को हथियार रखने के लिए उकसाने वाली टिप्पणियां शामिल हैं।
महाराष्ट्र ATS के आरोप
ATS का आरोप है कि अख्तर ने अलग-अलग सोशल मीडिया अकाउंट्स का इस्तेमाल सांप्रदायिक नफरत फैलाने और देश-विरोधी भावनाओं को भड़काने के लिए किया। जांचकर्ताओं को उसके मोबाइल फोन से ऐसी सामग्री मिली है, जिसे देश-विरोधी माना जा रहा है।
जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी से जुड़े अकाउंट्स से ऐसी टिप्पणियां की गई थीं, जैसे- "अब जिहाद का जमाना आ गया है" और "हर मुसलमान को हथियार रखना चाहिए और उठाना चाहिए"। जांच में मिली सामग्री के अनुसार, ये बातें धार्मिक विवादों और हथियारों की ट्रेनिंग से जुड़ी सोशल मीडिया पोस्ट के जवाब में लिखी गई थीं।
इसके अलावा, 'शाही मस्जिद' को बचाने की कोशिशों से जुड़ी एक पोस्ट पर उसने लिखा था- "जिहाद करो भाई लोग, अल्लाह के लिए"। जांचकर्ताओं को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुंबई दौरे की सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी एक इंस्टाग्राम पोस्ट पर भी उसकी टिप्पणी मिली। इसमें पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या की तरह ही, मौजूदा प्रधानमंत्री पर भी हमले की ओर इशारा किया गया था।
ATS की जांच में यह भी पता चला है कि आरोपी एक टेलीग्राम ग्रुप चलाता था। एजेंसी के मुताबिक, उसने 1 जून 2026 को इस ग्रुप में जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मौलाना मसूद अजहर के ऑडियो भाषण अपलोड किए थे। इन भाषणों में बाबरी मस्जिद जैसे मुद्दों का जिक्र था। ATS ने यह भी आरोप लगाया है कि अख्तर पाकिस्तान समर्थित 'इब्न-ए-कासिम' (IBN-e-Qasim) नाम के एक चरमपंथी टेलीग्राम चैनल का सक्रिय सदस्य था। एजेंसी उसकी कथित ऑनलाइन गतिविधि और प्रतिबंधित संगठन के साथ उसके संबंधों की जांच कर रही है।