बॉन्ड बाजार पर CEA की चिंता: केवल बड़ी कंपनियों नहीं, मिड-साइज फर्मों को भी मिलना चाहिए मौका

Edited By Updated: 28 Nov, 2025 05:51 PM

cea s concern on bond market not just large companies

मुख्य आर्थिक सलाहकार वी अनंत नागेश्वरन ने शुक्रवार को कोष जुटाने के लिए बॉन्ड बाजार में बड़ी और अच्छी रेटिंग वाली कंपनियों की अधिक मौजूदगी पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि मझोले आकार की फर्मों को व्यवस्थित और किफायती तरीके से बाजार तक पहुंचने में मदद...

मुंबईः मुख्य आर्थिक सलाहकार वी अनंत नागेश्वरन ने शुक्रवार को कोष जुटाने के लिए बॉन्ड बाजार में बड़ी और अच्छी रेटिंग वाली कंपनियों की अधिक मौजूदगी पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि मझोले आकार की फर्मों को व्यवस्थित और किफायती तरीके से बाजार तक पहुंचने में मदद करने की जरूरत है। 

नागेश्वरन ने कहा कि बाजार में नकदी बढ़ाने की भी जरूरत है और निवेशकों को परिपक्वता तक कागज रखने की आदत छोड़नी होगी। उन्होंने कहा कि बॉन्ड बाजार और बैंक वित्त पोषण का ''डबल इंजन'' आगे चलकर भारत जैसी बढ़ती अर्थव्यवस्था को जरूरी वित्तीय सहायता देने में मदद करेगा। नागेश्वरन ने यह साफ किया कि घरेलू धन को भारतीय बॉन्ड बाजार का आधार बनाना चाहिए और विदेशी निवेश को इसमें पूरक की भूमिका निभानी चाहिए। 

उन्होंने ट्रस्ट ग्रुप के एक कार्यक्रम में कहा, ''आज चुनौती बॉन्ड बाजार की कमी नहीं, बल्कि उसके लेनदेन को लेकर है। बड़ी और ऊंची रेटिंग वाली कंपनियां आसानी से पूंजी जुटा लेती हैं। अब हमें मझोले आकार की कंपनियों, अवसंरचना एसपीवी, आपूर्ति श्रृंखला फर्मों... को व्यवस्थित और किफायती तरीके से बाजार तक पहुंचने में मदद करनी है।'' नागेश्वरन ने कहा कि बॉन्ड बाजार भारतीय नजरिए से बहुत जरूरी हैं और वित्त पोषण का बोझ बैंकों और बॉन्ड बाजार के बीच साझा किया जाएगा।  
 

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