Edited By jyoti choudhary,Updated: 04 Jun, 2026 10:57 AM

भारत सरकार विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) को आकर्षित करने और रुपए की गिरती कीमत को संभालने के लिए सरकारी बॉन्ड पर लगने वाले टैक्स में बड़ी राहत देने की योजना बना रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, केंद्रीय कैबिनेट ने सरकारी बॉन्ड निवेश पर
बिजनेस डेस्कः भारत सरकार विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) को आकर्षित करने और रुपए की गिरती कीमत को संभालने के लिए सरकारी बॉन्ड पर लगने वाले टैक्स में बड़ी राहत देने की योजना बना रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने बुधवार को हुई मीटिंग में आयकर कानून (Income Tax Act) में संशोधन के लिए एक बड़े अध्यादेश (Ordinance) को मंजूरी दे दी है। राष्ट्रपति की मंजूरी मिलते ही ये अध्यादेश देश भर में लागू हो जाएगा।वर्तमान में, 12 महीने से अधिक समय तक रखे गए बॉन्ड पर निवेशकों को 12.5% लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स देना पड़ता है।
विदहोल्डिंग टैक्स में राहत
सरकार बॉन्ड से मिलने वाले ब्याज पर लगने वाले 20% विदहोल्डिंग टैक्स को भी समाप्त करने पर विचार कर रही है। यदि ऐसा होता है, तो भारतीय सरकारी बॉन्ड विदेशी निवेशकों के लिए अधिक आकर्षक हो जाएंगे।
इस कदम का उद्देश्य देश में विदेशी पूंजी के प्रवाह को बढ़ाना और रुपए पर पड़ रहे दबाव को कम करना है। आंकड़ों के अनुसार, इस साल जहां विदेशी निवेशकों ने शेयर बाजार से 28 अरब डॉलर निकाले हैं, वहीं सरकारी बॉन्ड बाजार में 1.4 अरब डॉलर का निवेश किया है। सरकार इस निवेश को और प्रोत्साहित करना चाहती है।
रिपोर्ट के अनुसार, सरकार आयकर नियमों में बदलाव के लिए एक अध्यादेश ला सकती है। हालांकि, यह स्पष्ट करना आवश्यक है कि वित्त मंत्रालय ने अभी तक इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है और इन रिपोर्ट्स की स्वतंत्र रूप से पुष्टि होना बाकी है।
बाजार के जानकारों का मानना है कि अगर यह फैसला लागू होता है तो भारत के बॉन्ड मार्केट में विदेशी निवेश बढ़ सकता है, जिससे देश में विदेशी पूंजी का प्रवाह मजबूत होगा।