Edited By jyoti choudhary,Updated: 10 Apr, 2026 06:17 PM

देश का विदेशी मुद्रा भंडार तीन अप्रैल को समाप्त सप्ताह में 9.06 अरब डॉलर बढ़कर 697.12 अरब डॉलर हो गया। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के आंकड़ों से यह जानकारी मिली। इससे एक सप्ताह पहले 27 मार्च को समाप्त अवधि में देश का विदेशी मुद्रा भंडार 10.28 अरब...
मुंबईः देश का विदेशी मुद्रा भंडार तीन अप्रैल को समाप्त सप्ताह में 9.06 अरब डॉलर बढ़कर 697.12 अरब डॉलर हो गया। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के आंकड़ों से यह जानकारी मिली। इससे एक सप्ताह पहले 27 मार्च को समाप्त अवधि में देश का विदेशी मुद्रा भंडार 10.28 अरब डॉलर घटकर 688.06 अरब डॉलर रह गया था। देश का विदेशी मुद्रा भंडार 27 फरवरी, 2026 को समाप्त सप्ताह में 728.49 अरब डॉलर के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया था। इसके बाद पश्चिम एशिया संकट के कारण इस भंडार में कई सप्ताह तक गिरावट देखी जा रही थी।
असल में, पश्चिम एशिया संकट के बाद रुपए पर बने हुए दबाव के बीच केंद्रीय बैंक विदेशी मुद्रा बाजार में डॉलर की बिक्री के जरिये हस्तक्षेप करता रहा है। केंद्रीय बैंक ने कहा कि भंडार का प्रमुख हिस्सा विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां (एफसीए) समीक्षाधीन सप्ताह में 1.78 अरब डॉलर बढ़कर 552.85 अरब डॉलर हो गईं। डॉलर के संदर्भ में व्यक्त एफसीए में यूरो, पाउंड और येन जैसी गैर-अमेरिकी मुद्राओं में उतार-चढ़ाव का प्रभाव भी शामिल होता है।
आरबीआई के मुताबिक, सोने का भंडार भी आलोच्य सप्ताह में 7.22 अरब डॉलर बढ़कर 120.74 अरब डॉलर हो गया। इसके अलावा, विशेष आहरण अधिकार (एसडीआर) 5.8 करोड़ डॉलर बढ़कर 18.70 अरब डॉलर हो गए, जबकि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के पास भारत की आरक्षित स्थिति 4.81 अरब डॉलर पर अपरिवर्तित रही।