दुनिया में मंदी और महंगाई का खतरा, मगर भारत की मजबूत वृद्धि बरकरार: WEF Survey

Edited By Updated: 29 May, 2026 08:49 AM

global growth feared to weaken over next year india stands strong wef survey

विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) ने कहा कि अगले एक वर्ष में वैश्विक आर्थिक वृद्धि कमजोर पड़ने की आशंका है, जबकि भारत मजबूत वृद्धि संभावनाओं वाले देशों में सबसे आगे बना हुआ है। दुनियाभर के मुख्य अर्थशास्त्रियों के बीच कराए गए एक सर्वेक्षण पर आधारित...

बिजनेस डेस्कः विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) ने कहा कि अगले एक वर्ष में वैश्विक आर्थिक वृद्धि कमजोर पड़ने की आशंका है, जबकि भारत मजबूत वृद्धि संभावनाओं वाले देशों में सबसे आगे बना हुआ है। दुनियाभर के मुख्य अर्थशास्त्रियों के बीच कराए गए एक सर्वेक्षण पर आधारित रिपोर्ट में यह आकलन किया गया है। सर्वे में करीब 90 प्रतिशत अर्थशास्त्रियों ने वैश्विक वृद्धि में गिरावट की आशंका जताई है, जबकि 13 प्रतिशत ने वैश्विक मंदी का अनुमान जताया है। रिपोर्ट के मुताबिक, 94 प्रतिशत अर्थशास्त्रियों का मानना है कि ऊर्जा और खाद्य आपूर्ति प्रभावित होने से अगले एक वर्ष में महंगाई बढ़ सकती है। इसका कारण पश्चिम एशिया में तनाव और व्यापार मार्गों में बाधाएं हैं। 

डब्ल्यूईएफ ने कहा कि मौजूदा वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारत और अमेरिका अपेक्षाकृत मजबूत स्थिति में बने रह सकते हैं, जिन्हें घरेलू मांग और निवेश का समर्थन मिलेगा। सर्वे में होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने को पिछले वर्ष के शुल्क संकट की तुलना में अधिक बाधक माना गया है। अर्थशास्त्रियों ने कहा है कि यदि यह स्थिति वर्ष की दूसरी छमाही तक जारी रहती है तो इसका प्रभाव कोविड-19 महामारी जैसी गंभीरता तक पहुंच सकता है जिससे वैश्विक आपूर्ति शृंखला, ऊर्जा और खाद्य लागत पर व्यापक असर पड़ेगा। 

डब्ल्यूईएफ की प्रबंध निदेशक सादिया जाहिदी ने कहा, "यह गतिरोध जितना लंबा चलेगा, उतनी ही अधिक दीर्घकालिक लागत उन लोगों पर पड़ेगी जो इसका बोझ उठाने में सबसे कम सक्षम हैं।" रिपोर्ट कहती है कि इस संकट का सबसे अधिक असर पश्चिम एशिया और उत्तर अफ्रीका पर पड़ने की आशंका है, जबकि भारत और अमेरिका अपेक्षाकृत मजबूत बने रह सकते हैं। भारत के बारे में खास तौर पर कहा गया है कि इसकी वृद्धि संभावनाएं लगातार मजबूत बनी हुई हैं। सर्वे में शामिल 52 प्रतिशत अर्थशास्त्री भारत में मजबूत या बहुत मजबूत वृद्धि की उम्मीद कर रहे हैं, जिससे यह सबसे बेहतर प्रदर्शन वाला देश बना हुआ है। 

रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय अर्थव्यवस्था 2026-27 में 6.5 प्रतिशत की दर से बढ़ सकती है, हालांकि पश्चिम एशिया संकट के चलते जोखिम बने हुए हैं। डब्ल्यूईएफ ने कहा कि बड़े उभरते बाजारों में भारत पैमाने, वृद्धि और संभावनाओं का सबसे स्पष्ट मिश्रण प्रस्तुत करता है। रिपोर्ट कहती है कि भारत ने व्यापार और पूंजी प्रवाह के रास्ते लगातार खोले हैं, सक्रिय आर्थिक नीति अपनाई है और बाजार पहुंच का विस्तार किया है। हालांकि, वैश्विक जोखिम बढ़ रहे हैं और ऊर्जा कीमतों में उतार-चढ़ाव प्रमुख चिंता बना हुआ है।
 

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