देश में पहली तिमाही में सोने की मांग 10 प्रतिशत बढ़कर 151 टन: डब्ल्यूजीसी

Edited By Updated: 30 Apr, 2026 10:38 AM

gold demand in the country rises 10 to 151 tonnes in the first quarter wgc

देश में इस वर्ष जनवरी-मार्च तिमाही के दौरान सोने की मांग सालाना आधार पर 10 प्रतिशत बढ़कर 151 टन रही। विश्व स्वर्ण परिषद (डब्ल्यूजीसी) ने बुधवार को जारी अपनी रिपोर्ट में यह जानकारी दी। रिपोर्ट के अनुसार, इस बढ़ोतरी की मुख्य वजह सोने की कीमतों में तेज...

नई दिल्लीः देश में इस वर्ष जनवरी-मार्च तिमाही के दौरान सोने की मांग सालाना आधार पर 10 प्रतिशत बढ़कर 151 टन रही। विश्व स्वर्ण परिषद (डब्ल्यूजीसी) ने बुधवार को जारी अपनी रिपोर्ट में यह जानकारी दी। रिपोर्ट के अनुसार, इस बढ़ोतरी की मुख्य वजह सोने की कीमतों में तेज उछाल के बीच निवेश मांग में आई मजबूत वृद्धि है। अब सोने की मांग का रुझान बदलता हुआ दिख रहा है, जहां आभूषण के बजाए निवेश के लिए खरीद तेजी से बढ़ रही है। 

डब्ल्यूजीसी ने कहा कि तिमाही के दौरान सोने की छड़ों, सिक्कों और ईटीएफ के जरिए निवेश मांग 54 प्रतिशत बढ़कर 82 टन हो गई। इस बढ़ोतरी ने आभूषण मांग में आई गिरावट की काफी हद तक भरपाई कर दी। तिमाही के दौरान आभूषण मांग पर दबाव रहा और यह सालाना आधार पर 19 प्रतिशत घटकर 66 टन रह गई। ऊंची कीमतों का असर खासकर कीमत के प्रति संवेदनशील वर्गों में खपत पर पड़ा है। डब्ल्यूजीसी ने पूरे वर्ष के लिए सोने की मांग 650-750 टन के बीच रहने का अनुमान जताया है, जबकि पिछले साल यह 712 टन थी। हाल के महीनों में सोने की बढ़ती कीमतों ने उपभोक्ताओं के बजट को प्रभावित किया है। 

डब्ल्यूजीसी की 2026 की पहली तिमाही में स्वर्ण मांग रुख शीर्षक से जारी रिपोर्ट के अनुसार, 2025 की पहली तिमाही में देश की कुल सोने की मांग 137 टन थी। मूल्य के लिहाज से, 2026 की जनवरी-मार्च तिमाही में मांग लगभग दोगुनी होकर सालाना आधार पर 99 प्रतिशत बढ़कर रिकॉर्ड 2,27,500 करोड़ रुपये (25 अरब डॉलर) तक पहुंच गई। डब्ल्यूजीसी के क्षेत्रीय मुख्य कार्यपालक अधिकारी (भारत) सचिन जैन ने कहा, "2026 की पहली तिमाही में भारत का सोना बाजार मात्रा के रुझान और मूल्य वृद्धि के बीच अंतर को दर्शाता है, जो रिकॉर्ड ऊंची कीमतों और बदलती उपभोक्ता प्राथमिकताओं से प्रभावित है। कुल मांग 151 टन रही, जो 2025 की पहली तिमाही की तुलना में 10 प्रतिशत अधिक है, जबकि मूल्य के लिहाज से मांग लगभग दोगुनी होकर 99,900 करोड़ रुपए हो गई, जो सालाना आधार पर 99 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाती है।" 

घरेलू सोने की कीमत (मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर) 2026 की पहली तिमाही में सालाना आधार पर 81 प्रतिशत बढ़कर औसतन 1,51,108 रुपए प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 83,375 रुपए थी। सोने की छड़ों और सिक्कों की मांग 34 प्रतिशत बढ़कर 62 टन हो गई, जो 2013 के बाद पहली तिमाही का सबसे ऊंचा स्तर है। मूल्य के लिहाज से यह मांग 142 प्रतिशत बढ़कर 94,100 करोड़ रुपए हो गई, जो पारंपरिक रूप से आभूषण-प्रधान बाजार से अलग रुझान को दर्शाती है।
 

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